19 धार्मिक नगरियों में शराबबंदी, सनातन संरक्षण पर मुख्यमंत्री का जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने 19 धार्मिक नगरियों में शराबबंदी लागू...

Narsihpur | संवाददाता: आशीष नेमा
द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहपुर | 30 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार सनातन संस्कृति, भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने शुक्रवार को नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही। इस आयोजन में पूज्य गोपीठाधीश्वर महंत श्री बिपिन बिहारी दास जी महाराज भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीमद्भागवत पुराण चारों वेदों, अठारह पुराणों और उपनिषदों के सार को समाहित करने वाला एक पवित्र ग्रंथ है। यह कथा मनुष्य को जीवन, मृत्यु, कर्म और सदाचार का वास्तविक अर्थ समझाती है। उन्होंने कहा कि धर्म और अध्यात्म की इस अविरल धारा से जुड़ना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, विधायक श्री महेंद्र नागेश, पूर्व राज्य मंत्री श्री जालम सिंह पटेल, वरिष्ठ समाजसेवी श्री मुलाम सिंह पटेल, मणिनागेंद्र सिंह फाउंडेशन के सदस्य श्री सरदार सिंह पटेल, श्री रामसनेही पाठक, श्री महंत प्रीतमपुरी गोस्वामी सहित आयोजन समिति के सदस्य, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
धार्मिक स्थलों पर नशामुक्ति की पहल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परमपूज्य कथाव्यास महंत श्री बिपिन बिहारी दास जी महाराज को प्रणाम करते हुए कहा कि मनुष्य को परमात्मा द्वारा प्रदान किए गए जीवन और सांसों का सदुपयोग अच्छे कर्मों और श्रेष्ठ संस्कारों के लिए करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जन्म और मृत्यु परमात्मा की व्यवस्था का हिस्सा हैं और हमारे देवी-देवताओं ने भी मानव जीवन के कर्तव्यों और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वभर में स्थापित हो रहे भारत की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं के गौरव का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक बुराइयों को दूर करने और धार्मिक वातावरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि प्रदेश की 19 धार्मिक नगरियों में शराबबंदी लागू करने का निर्णय लिया गया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज को व्यसन और अन्य बुराइयों से मुक्त बनाना है, जिसके लिए हरसंभव पहल की जाएगी।
नशे के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई का संकल्प
इस दिशा में आगे बढ़ते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध सफलता प्राप्त करने के बाद अब वर्ष 2029 तक ड्रग्स और नशे के विरुद्ध एक निर्णायक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया गया है। इस पहल का लक्ष्य युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखना और उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए सशक्त बनाना है।
गीता जयंती और गीता भवनों का निर्माण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमद्भगवद्गीता के 18 अध्यायों का भी उल्लेख किया, जो मनुष्य को कर्म, कर्तव्य और जीवन को श्रेष्ठ मार्ग पर ले जाने की प्रेरणा देते हैं। इसी भाव से प्रेरित होकर, प्रदेश में गीता जयंती को व्यापक स्तर पर मनाने की पहल की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि गांवों के साथ-साथ नगरीय निकायों में भी गीता भवनों के निर्माण का संकल्प लिया गया है, ताकि धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक आयोजनों के लिए स्थायी स्थान उपलब्ध हो सकें।
नर्मदा परिक्रमा पथ पर सुविधाओं का विकास
मुख्यमंत्री ने मां नर्मदा की परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नर्मदा मिशन के माध्यम से परिक्रमा पथ के विकास कार्य की जानकारी दी। इस परियोजना के अंतर्गत परिक्रमवासियों के लिए विश्राम स्थल, घाटों का उन्नयन और अन्य आवश्यक सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मां नर्मदा के जल की शुद्धता बनाए रखने के लिए जल शुद्धीकरण की व्यवस्थाओं पर भी विशेष कार्य किया जा रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
