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गुना के गुलाबों को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान, आय बढ़ाने पर प्रशासन का जोर

गुना जिले में पॉलीहाउस तकनीक से गुलाब की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य किसानों की प्रति एकड़ आय को दोगुना...

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•संवाददाता: राजा हतम वेग
गुना के गुलाबों को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान, आय बढ़ाने पर प्रशासन का जोर

आरोन | संवाददाता: राजा हतम वेग

द क्लिफ न्यूज़ | आरोन | 30 अक्टूबर 2026

गुना जिले में गुलाब की खेती को आधुनिक तकनीकों और बेहतर विपणन रणनीतियों के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल की है। आरोन के भादौर ग्राम में प्रगतिशील कृषक धर्मवीर सिंह रघुवंशी के एक एकड़ पॉलीहाउस का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर किशोर कन्याल ने किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावनाओं पर जोर दिया। यहाँ एक माह पूर्व गुलाब के तीस हजार पौधे रोपित किए गए हैं, जिनसे चौथे माह से व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।

वर्तमान में गुना जिले में पॉलीहाउस खेती से किसान प्रति एकड़ लगभग पंद्रह लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य उन्नत प्रबंधन और विपणन के माध्यम से इस आय को बढ़ाकर पच्चीस से तीस लाख रुपये प्रति एकड़ तक पहुंचाना है। मौजूदा उत्पादन क्षमता को देखते हुए, एक एकड़ से पांच लाख फूलों का उत्पादन हो रहा है, जिसे आधुनिक तकनीकों के उपयोग से सात से आठ लाख फूलों तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस प्रयास में फूलों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकिंग और प्रभावी विपणन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि गुना के गुलाबों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक विशिष्ट पहचान बन सके। पॉलीहाउस संचालक के पुत्र आदित्य रघुवंशी वर्तमान में दिल्ली के फूल बाजार का अध्ययन कर रहे हैं, ताकि गुलाबों की बिक्री के लिए बेहतर रणनीति तैयार की जा सके।

पॉलीहाउस खेती को बढ़ावा और आय वृद्धि की योजना

जिले में पचास एकड़ से अधिक क्षेत्र वर्तमान में पॉलीहाउस के माध्यम से गुलाब की खेती के तहत आ चुका है। किसान अब उत्पादन प्रक्रिया में सुधार के लिए सेंसर आधारित ऑटोमेशन और कोल्ड रूम जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं को अपना रहे हैं। उद्यानिकी विभाग इन नवाचारों को अपनाने वाले किसानों को चालीस से पचास प्रतिशत तक का अनुदान प्रदान कर रहा है। उप संचालक उद्यान केपीएस किरार के अनुसार, विभाग किसानों को संगठित कर क्लस्टर आधारित खेती को प्रोत्साहित कर रहा है। इस मॉडल से ग्रेडिंग, पैकेजिंग और कोल्ड स्टोरेज जैसी आवश्यक सुविधाओं को सामूहिक रूप से विकसित करना आसान हो जाएगा, जिससे किसानों के लिए लागत कम होगी और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।

फूल उत्पादन का व्यापक नेटवर्क तैयार करने की पहल

गुना और बमोरी विकासखंडों में गुलाब के अलावा गेंदा, रजनीगंधा और ग्लेडियोलस जैसे अन्य फूलों के लिए भी नए क्लस्टर विकसित करने की योजना है। इस पहल का उद्देश्य जिले में पुष्प उत्पादन का एक व्यापक और मजबूत नेटवर्क तैयार करना है, जो किसानों को बेहतर अवसर प्रदान करेगा और क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा।

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