बलरामपुर में करवा चौथ पर महिलाओं ने की अखंड सौभाग्य की कामना
बलरामपुर में सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखा। शाम को चांद देखकर पूजनोपरांत व्रत खोला गया। बाजारों में भी रौनक...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 30 अक्टूबर 2026
बलरामपुर जिले में करवा चौथ का पर्व पारंपरिक आस्था और पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए दिनभर कठिन निर्जला व्रत का पालन किया। भक्तिमय वातावरण में दिनभर पूजा-अर्चना का दौर चला। इस पावन अवसर पर, सुहागिनों ने सोलह श्रृंगार किए, हाथों में मंगलकारी मेहंदी रचाई और पारंपरिक रूप से सजे-धजे परिधान धारण किए। घरों में और सार्वजनिक स्थानों पर, महिलाओं ने सामूहिक रूप से करवा चौथ की कथा का श्रवण किया, जिसने व्रत के आध्यात्मिक महत्व को और बढ़ाया।
दिनभर की प्रतीक्षा और पूजा-अर्चना के बाद, शाम ढलते ही महिलाओं का ध्यान आसमान की ओर लग गया। चंद्रोदय का बेसब्री से इंतजार किया गया। पूर्णिमा के चंद्रमा के उदय होने पर, महिलाओं ने विधि-विधान से भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की पूजा की। करवा चौथ की थाली सजाकर, चंद्रमा को अर्घ्य दिया गया और फिर अपने पतियों के हाथों से जल ग्रहण कर अपना करवा चौथ का व्रत पूर्ण किया। यह रस्म पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और अटूट बंधन का प्रतीक है।
बाजारों में दिखी पर्व की रौनक, खरीदारी का उत्साह
करवा चौथ के पर्व का असर स्थानीय बाजारों में भी व्यापक रूप से दिखाई दिया, जहाँ सुबह से ही ग्राहकों की चहल-पहल बनी रही। साज-श्रृंगार के सामान, जैसे कि चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, और सौंदर्य प्रसाधनों की दुकानों पर महिलाओं की भारी भीड़ देखी गई। पूजा सामग्री, विशेषकर करवा, दीपक, रोली, अक्षत, कपूर और मिठाइयों की दुकानों पर भी ग्राहकों का तांता लगा रहा। इन सब के अतिरिक्त, महिलाओं और पुरुषों के लिए पारंपरिक परिधानों, जैसे कि साड़ियां, सूट और कुर्ते की खरीदारी को लेकर भी लोगों में खासा उत्साह देखा गया। परिवारों में उत्सव जैसा माहौल था, जहाँ पति-पत्नी के प्रेम और अटूट बंधन का स्मरण किया गया और एक-दूसरे को उपहार भी दिए गए।
इस अवसर पर, स्थानीय भाजपा नेत्री मंजू तिवारी ने भी अपने निवास पर अपने पति ओम प्रकाश तिवारी के साथ पारंपरिक विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर अखंड सौभाग्य की कामना की। उन्होंने इस पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह महिलाओं की अपने पतियों के प्रति अटूट श्रद्धा और प्रेम को दर्शाता है। पूरे बलरामपुर जिले में यह पर्व श्रद्धा, प्रेम और पारिवारिक सौहार्द के साथ संपन्न हुआ, जो भारतीय संस्कृति में सुहागिनों के व्रत के गहरे अर्थ और महत्व को रेखांकित करता है। करवा चौथ का यह उत्सव महिलाओं की त्याग और प्रेम की भावना का एक जीवंत प्रमाण रहा।
