BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
Regional

बलरामपुर में विकास योजनाओं की डीएम ने की समीक्षा, योजनाओं में तेजी के निर्देश

बलरामपुर में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने पंचायती राज और ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन, आवास योजनाओं...

Few hours ago
5 मिनट में पढ़ें
•संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
बलरामपुर में विकास योजनाओं की डीएम ने की समीक्षा, योजनाओं में तेजी के निर्देश

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 30 अक्टूबर 2026

बलरामपुर के कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में पंचायती राज एवं ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट जांची। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पारदर्शी ढंग से पहुंचना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक योजना की निगरानी व्यक्तिगत रूप से करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे हों। यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रत्येक परियोजना के भौतिक और वित्तीय प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की अड़चन को समय रहते दूर किया जा सके।

स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष जोर

स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जिले में 793 सामुदायिक शौचालयों के लक्ष्य के सापेक्ष 784 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। जिलाधिकारी ने इन शौचालयों के नियमित संचालन और उनकी साफ-सफाई के लिए स्वयं सहायता समूहों द्वारा प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि ये सामुदायिक शौचालय जनोपयोगी बने रहें और इनकी देखरेख में कोई कोताही न बरती जाए। इसके अतिरिक्त, शौचालयों के उपयोग से संबंधित आंकड़ों का संकलन भी नियमित रूप से किए जाने के निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और गोबरधन योजना के अंतर्गत बायोगैस संयंत्रों के कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने पर बल दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को इन परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और किसी भी प्रकार की बाधा आने पर तत्काल उसका समाधान निकालने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक कचरे का उचित निस्तारण पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और गोबरधन योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

पंचायत भवनों और अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण में तेजी

पंचायत भवन निर्माण की दिशा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने शेष पांच भवनों को नवंबर माह तक पूरा करने का निर्देश दिया। यह भी कहा गया कि प्रत्येक विधानसभा में प्रस्तावित पंचायत उत्सव भवनों और 11 अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण में तेजी लाई जाए। इसके लिए निविदा प्रक्रिया को शीघ्र संपन्न करने के आदेश दिए गए। जिलाधिकारी ने डिजिटल पुस्तकालयों के प्रभावी संचालन के लिए फर्नीचर और पुस्तकों की आपूर्ति पूरी होने पर संतोष व्यक्त किया और इनके नियमित उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत भवनों का सुचारू संचालन स्थानीय समुदायों के लिए महत्वपूर्ण है और अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया सुगम होगी।

आवास योजनाओं में लक्ष्य के करीब, आजीविका पर ध्यान

आवास योजनाओं के आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना में 99.52 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है। यह एक अत्यंत संतोषजनक प्रगति है, लेकिन जिलाधिकारी ने शेष लाभार्थियों को भी शीघ्रताशीघ्र आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत भी लाभार्थियों को समयबद्ध लाभ देने के लिए अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि कोई भी पात्र लाभार्थी वंचित न रहे। योजनाओं का लाभ लक्षित परिवारों तक बिना किसी भेदभाव के पहुंचे, इस पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 46,441 परिवारों को समूह गतिविधियों से जोड़ा गया है। जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने प्रेरणा कैंटीन और 'कैंटीन ऑन व्हील' जैसी पहलों को बढ़ावा देने के साथ ही स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने सुझाव दिया कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक सुदृढ़ विपणन रणनीति विकसित की जाए, जिसमें सरकारी खरीद और निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा सके।

मनरेगा के तहत रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा

ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत वर्तमान में 13,051 अकुशल श्रमिकों को नियोजित किया गया है। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से प्रस्तावित कार्यों की निगरानी करने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने हेतु लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि मनरेगा श्रमिकों को उनके काम का भुगतान समय पर मिले और उन्हें अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त हों। यह भी निर्देश दिया गया कि मनरेगा के तहत किए जाने वाले कार्यों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि ग्रामीण अवसंरचना का स्थायी विकास हो सके।

अंत में, 4,082 नए चिह्नित निराश्रित महिला एवं दिव्यांगजन लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से शीघ्र आच्छादित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने इन लाभार्थियों की पहचान और उन्हें सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया को तेज करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज के सबसे कमजोर वर्गों का कल्याण सरकार की प्रमुख जिम्मेदारी है और इन लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

संबंधित समाचार