जन विश्वास अभियान: भिंड में कलेक्टर ने योजनाओं की जानकारी दी, पराली जलाने से रोका
भिंड में जन विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर पवन जैन ने ग्रामीणों से संवाद कर स्वामित्व योजना के तहत आबादी भूमि की रजिस्ट्री और पराली...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 30 अक्टूबर 2026
भिंड जिले के गोहद विकासखंड के ग्राम खड़ेर में जन विश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को कलेक्टर पवन जैन ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन, ग्रामीणों की समस्याओं और भूमि पट्टों की रजिस्ट्री के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
ग्राम पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामित्व योजना के तहत आबादी भूमि के पट्टों की रजिस्ट्री का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने ग्रामीणों को प्रेरित किया कि रजिस्ट्री कराने से न केवल उनके आवासों पर कानूनी अधिकार सुरक्षित होगा, बल्कि आवासीय भूमि पर ऋण प्राप्त करने की सुविधा भी सुगम हो जाएगी। यह पहल विशेष रूप से उन ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण है जिनके पास अपने घरों के मालिकाना हक के दस्तावेज़ नहीं हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।
पराली जलाने से रोका, पर्यावरण संरक्षण पर जोर
कलेक्टर पवन जैन ने खेतों में पराली जलाने के गंभीर खतरों से ग्रामीणों को अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरक क्षमता नष्ट होती है और पर्यावरण दूषित होता है, जिससे वायु गुणवत्ता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन को आवश्यक बताते हुए खेतों में पराली न जलाने की सख्त हिदायत दी। इस संबंध में, ग्रामीणों को फसल अवशेषों के प्रबंधन के वैकल्पिक तरीकों के बारे में भी जानकारी दी गई, ताकि वे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना अपनी फसलों का निपटान कर सकें।
योजनाओं की समीक्षा और समस्याओं का निराकरण
संवाद सत्र के दौरान, कलेक्टर ने विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति और क्रियान्वयन की समीक्षा की। इसमें आचार्य विद्यासागर योजना, डॉ. भीमराव अम्बेडकर योजना, राशन वितरण प्रणाली, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं और आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन की स्थिति शामिल थी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि जन विश्वास अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता की शिकायतों का समयबद्ध तरीके से समाधान करना है। इसलिए, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर और बिना किसी देरी के पहुंचाया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ वीरसिंह चौहान, एसडीएम गोहद विकास केमोर, जनपद सीईओ और अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रत्यक्ष मंच मिला है, जहाँ वे सीधे अधिकारियों से जुड़कर अपनी बात रख सकते हैं और योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह कदम सुशासन और जन-कल्याण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
