आरोन में जबरन प्रीपेड मीटर लगाने का विरोध, उपभोक्ताओं ने उठाए सवाल
आरोन के वार्ड 12 में बिजली विभाग द्वारा बिना पूर्व सूचना और सहमति के प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं ने केंद्रीय मंत्री...

आरोन के वार्ड क्रमांक 12 में बिना पूर्व सूचना प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का आरोप | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | आरोन | 30 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश के आरोन शहर में बिजली विभाग द्वारा प्रीपेड स्मार्ट मीटर स्थापित करने की प्रक्रिया स्थानीय नागरिकों के विरोध का कारण बन गई है। वार्ड क्रमांक 12 के निवासियों का आरोप है कि विभाग के कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के या उपभोक्ताओं की सहमति लिए ही उनके घरों में ये नए मीटर लगा रहे हैं। इस मनमानीपूर्ण कार्यशैली ने उपभोक्ताओं के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल द्वारा 2 अप्रैल 2026 को लोकसभा में दिए गए एक बयान का उल्लेख किया है। मंत्री ने स्पष्ट किया था कि प्रीपेड बिजली मीटर उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य नहीं, बल्कि एक वैकल्पिक व्यवस्था है और इसे किसी पर भी जबरन थोपा नहीं जा सकता। ऐसे में, निवासियों ने सवाल उठाया है कि यदि केंद्रीय सरकार इसे ऐच्छिक मानती है, तो स्थानीय स्तर पर इसे अनिवार्य रूप से क्यों लागू किया जा रहा है?
बिना सहमति मीटर लगाने पर तत्काल रोक की मांग
आरोन के प्रभावित उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग से मांग की है कि बिना पूर्व सूचना और जानकारी के प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। नागरिकों का तर्क है कि बिजली एक मूलभूत आवश्यकता है और इसमें किसी भी प्रकार का बदलाव करने से पहले पूर्ण पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा है कि विभाग को प्रीपेड और पोस्टपेड बिजली व्यवस्था के बीच चयन करने का अधिकार उपभोक्ताओं को देना चाहिए।
इस विवाद के प्रकाश में आने के बाद, बिजली विभाग पर अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने और नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान करने का दबाव बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भविष्य में किसी भी नई व्यवस्था को लागू करते समय जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए विभाग को अधिक संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
