BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
Education

ग्वालियर में 'रेड रन' मैराथन: युवाओं ने एचआईवी, एड्स व नशामुक्ति पर जागरूकता फैलाई

ग्वालियर में 'रेड रन' मिनी मैराथन का आयोजन एचआईवी, एड्स और नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से हुआ। युवाओं ने स्वस्थ जीवनशैली का...

Few hours ago
5 मिनट में पढ़ें
•संवाददाता: संजय पांडेय
ग्वालियर में 'रेड रन' मैराथन: युवाओं ने एचआईवी, एड्स व नशामुक्ति पर जागरूकता फैलाई

Gwalior | संवाददाता: संजय पांडेय

द क्लिफ न्यूज़ | ग्वालियर | 26 अक्टूबर 2026

मध्य प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति और राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में ग्वालियर में 'रेड रन' मिनी मैराथन का सफल आयोजन संपन्न हुआ। लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई) के परिसर में आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशा, तपेदिक (टीबी) और एचआईवी-एड्स जैसी गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य चुनौतियों के प्रति संवेदनशील बनाना था। कार्यक्रम में खेल, शिक्षा और प्रशासनिक क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई, जो इस पहल के महत्व को रेखांकित करता है। यह आयोजन, जो वर्तमान समय की प्रमुख स्वास्थ्य चिंताओं को संबोधित करता है, समुदाय के विभिन्न वर्गों के बीच जुड़ाव का एक मंच भी बना।

एलएनआईपीई के प्रभारी कुलपति प्रोफेसर जोसफ सिंह और जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजीव मिश्रा इस मैराथन के मुख्य अतिथि रहे। उनके साथ मंच पर प्रोफेसर एम.के. सिंह, डॉ. हरिशंकर कंसाना, प्रोफेसर नि.बु.आर. कृष्णन, प्रोफेसर वाई.एस. राजपूत, डॉ. सचिन गुप्ता और डॉ. मनोज अवस्थी जैसे प्रतिष्ठित व्यक्ति भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सरिता दीक्षित ने किया, जिन्होंने कार्यक्रम की गरिमा और प्रवाह बनाए रखा, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. गौरव सनोत्रा ने किया, जिन्होंने आयोजन के पीछे के प्रयासों को स्वीकार किया। अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर किया गया, जो पारंपरिक सम्मान का प्रतीक था।

स्वस्थ जीवनशैली और नशामुक्ति का संकल्प

प्रोफेसर जोसफ सिंह ने अपने संबोधन में खेल और शारीरिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया, जिन्हें उन्होंने जीवन का आधार बताया। उन्होंने युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने और एक सकारात्मक व लक्ष्य-उन्मुख जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। उनका संदेश स्पष्ट था कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है, और नशा इस संतुलन को बिगाड़ सकता है। डॉ. राजीव मिश्रा ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इस 'रेड रन' मिनी मैराथन को सामाजिक जागरूकता फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम करार दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस तरह के आयोजन केवल शारीरिक गतिविधियों तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे सामूहिक चेतना को भी जागृत करते हैं।

मुख्य अतिथियों द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के साथ ही मैराथन का औपचारिक शुभारंभ हुआ। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ दौड़ में भाग लिया, जो एचआईवी, एड्स और नशामुक्ति के खिलाफ एक सामूहिक आवाज उठाने का प्रतीक बनी। यह दृश्य प्रेरणादायक था, जिसमें युवा पीढ़ी ने स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस दौरान, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने का सामूहिक संकल्प भी लिया। यह संकल्प हवा में गूंजता रहा, जो एक बेहतर कल की आशा का संचार कर रहा था।

खेल भावना के साथ जागरूकता का संगम

प्रतियोगिता के परिणाम काफी रोमांचक रहे, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी शारीरिक क्षमता और खेल भावना का प्रदर्शन किया। यह केवल एक दौड़ नहीं थी, बल्कि यह उस दृढ़ संकल्प का प्रमाण थी जो युवाओं ने अपने स्वास्थ्य और समाज के प्रति दिखाई। महिला वर्ग में एलएनआईपीई की प्रकृति ने प्रथम स्थान हासिल किया, जो उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम था। उनकी सहपाठी मूर्ति सिंह दूसरे स्थान पर रहीं, और मुस्कान गुर्जर ने तीसरा स्थान प्राप्त कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। पुरुष वर्ग में भी एलएनआईपीई का दबदबा रहा, जहां आदित्य ने प्रथम पुरस्कार जीता, जो एलएनआईपीई की खेल संस्कृति की मजबूती को दर्शाता है। एस.एल.पी. कॉलेज मुरार के लोकेंद्र सिंह ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर प्रतियोगिता को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया, जबकि अनुराग भदौरिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जो इन संस्थानों के छात्रों के उत्साह को उजागर करता है।

विजेता प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार, पदक और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान केवल उनकी जीत का प्रतीक नहीं था, बल्कि यह उनके द्वारा फैलाई गई जागरूकता का भी एक मापक था। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले धावकों को क्रमशः सात हजार, पांच हजार और तीन हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। यह पुरस्कार न केवल उनकी जीत का सम्मान था, बल्कि स्वास्थ्य और जागरूकता के प्रति उनके समर्पण को भी दर्शाता है। मेडल और प्रमाण पत्र भविष्य के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे, जो उन्हें और दूसरों को ऐसे आयोजनों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

सामाजिक बदलाव में युवाओं की भूमिका

यह 'रेड रन' मिनी मैराथन केवल एक खेल आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने युवाओं के बीच स्वास्थ्य, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह आयोजन एक ऐसे मंच के रूप में कार्य करता है जहाँ युवा न केवल शारीरिक रूप से सक्रिय होते हैं, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी आवाज उठाते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी विजेताओं को सम्मानित करने से युवाओं में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ और उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अपनी भूमिका निभाने को तैयार हैं। इस सफल आयोजन ने यह स्थापित किया कि ग्वालियर के युवा अपने श्रम, लगन और जागरूकता से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में पूर्णतः सक्षम हैं। मैराथन का समापन एक स्वस्थ, नशामुक्त और जागरूक समाज के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जो इस बात का सूचक है कि भविष्य के लिए एक आशावादी दृष्टिकोण मौजूद है। यह आयोजन इस बात की पुष्टि करता है कि सामूहिक प्रयास और जागरूकता से महत्वपूर्ण सामाजिक परिवर्तन संभव हैं, और युवा इस परिवर्तन के प्रमुख वाहक हैं।

संबंधित समाचार