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डिंडौरी में जनजाति कल्याण केंद्र में चार विकास कार्यों का लोकार्पण

डिंडौरी जिले के बरगांव स्थित जनजाति कल्याण केंद्र महाकोशल में चार प्रमुख विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया, जिससे स्थानीय जनजातीय समाज को बेहतर बुनियादी...

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•संवाददाता: डॉ. भूपेंद्र कुमार सुल्लेरे
डिंडौरी में जनजाति कल्याण केंद्र में चार विकास कार्यों का लोकार्पण

Jabalpur | संवाददाता: डॉ. भूपेंद्र कुमार सुल्लेरे

द क्लिफ न्यूज़ | जबलपुर | 12 अक्टूबर 2026

डिंडौरी जिले के बरगांव में स्थित जनजाति कल्याण केंद्र महाकोशल में रविवार को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख ए. सेंथिल कुमार ने चार नवीन विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया गया, जिसका उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार और स्वावलंबन को बढ़ावा देना है।

लोकार्पित किए गए कार्यों में नर्मदांचल विद्यालय के खेल मैदान एवं झूलों का उद्घाटन, सिलगी घाट की सीढ़ियों पर शेड निर्माण, गौशाला शेड का निर्माण और परिसर की एलटी विद्युत लाइन का शुभारंभ शामिल है। इन विकास पहलों से जहाँ विद्यालय के विद्यार्थियों के शारीरिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा, वहीं सिलगी घाट पर निर्मित शेड श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करेगा। गौशाला शेड गोवंश संरक्षण में सहायक सिद्ध होगा, जबकि एलटी लाइन से परिसर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और सुदृढ़ हो जाएगी।

सेवा-प्रकल्पों के विस्तार पर चर्चा

कार्यक्रम के दौरान, क्षेत्र सेवा प्रमुख ओम प्रकाश सिसोदिया, सहप्रांत सेवा प्रमुख सतीश पाटीदार और सेवा भारती महाकोशल प्रांत के संगठन मंत्री आत्माराम दीक्षित सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रेश परस्ते, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रियंका आर्मो, डॉ. भरत शरण सिंह और डॉ. मुकेश तिवारी जैसे गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

संस्था के अध्यक्ष मनोहर लाल साहू और सचिव एस.के. बाजपेयी की देखरेख में आयोजित एक चर्चा सत्र में जनजातीय क्षेत्रों में चल रहे सेवा-प्रकल्पों के विस्तार और उनकी प्रभावशीलता पर गहन विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार के माध्यम से ही समाज का अंतिम व्यक्ति सशक्त होकर मुख्यधारा से जुड़ सकेगा।

भविष्य की योजनाओं पर मंथन

केंद्र ने भविष्य की योजनाओं पर भी मंथन करते हुए ग्रामीण विकास के संकल्प को दोहराया। इन नवीन विकास कार्यों का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों के संपादन हेतु एक अनुकूल एवं बेहतर वातावरण तैयार करना है। स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने की दिशा में जनजाति कल्याण केंद्र महाकोशल, जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर बनाए हुए है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की।

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