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दमोह महाविद्यालय: छात्राओं ने ऑटोमैटिक प्लांट वाटरिंग मॉडल से जीता दिल

दमोह के महाविद्यालय में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन हुआ, जिसमें छात्राओं ने ऑटोमैटिक प्लांट वाटरिंग और लेजर सिक्योरिटी अलार्म जैसे नवाचारी मॉडल प्रस्तुत किए।

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•संवाददाता: सोनू अठया
दमोह महाविद्यालय: छात्राओं ने ऑटोमैटिक प्लांट वाटरिंग मॉडल से जीता दिल

Damoh | संवाददाता: सोनू अठया

द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 16 अक्टूबर 2026

दमोह के महाविद्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने दैनिक जीवन की समस्याओं के तकनीकी समाधान प्रस्तुत करने वाले विभिन्न मॉडल और जागरूकता संदेश देने वाले पोस्टर तैयार किए, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे।

इस आयोजन में छात्राओं ने न केवल अपनी रचनात्मकता बल्कि समस्या-समाधान की क्षमता का भी परिचय दिया। तकनीकी मॉडलों की प्रदर्शनी में एकता शर्मा और अनुप्रिया प्यासी द्वारा प्रस्तुत 'ऑटोमैटिक प्लांट वाटरिंग सिस्टम' विशेष रूप से सराहा गया। इस मॉडल का उद्देश्य पौधों की सिंचाई को स्वचालित कर जल संरक्षण को बढ़ावा देना था। वहीं, प्रतीक्षा ठाकुर ने 'कबाड़ से जुगाड़' के माध्यम से अनुपयोगी सामग्रियों से उपयोगी वस्तुएं बनाने की अवधारणा को साकार किया। राधिका कोष्ठी ने 'वाटर अलार्म सिस्टम' बनाकर पानी की टंकियों के ओवरफ्लो होने से होने वाली बर्बादी को रोकने का व्यावहारिक हल प्रस्तुत किया। सुरक्षा के लिहाज से सुहानी खरे का 'लेजर सिक्योरिटी अलार्म सिस्टम' भी चर्चा का विषय रहा, जो सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

नवाचारी मॉडलों से समस्याओं का समाधान

छात्राओं द्वारा प्रस्तुत इन तकनीकी मॉडलों ने उनकी गहरी वैज्ञानिक समझ और दैनिक जीवन की व्यावहारिक चुनौतियों के प्रति संवेदनशीलता को उजागर किया। ऑटोमैटिक प्लांट वाटरिंग सिस्टम जैसी परियोजनाएं जहाँ जल प्रबंधन में सहायक हो सकती हैं, वहीं लेजर सिक्योरिटी अलार्म जैसी पहलें सुरक्षा के मानकों को ऊंचा उठाने में योगदान दे सकती हैं। 'कबाड़ से जुगाड़' जैसी परियोजनाओं ने टिकाऊपन और संसाधनों के पुन: उपयोग पर बल दिया, जो आज के समय की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

जागरूकता फैलाने वाले पोस्टर

तकनीकी मॉडलों के अतिरिक्त, छात्राओं ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित आकर्षक पोस्टर भी प्रदर्शित किए। इन पोस्टरों के माध्यम से कॉलेज स्तर पर कचरा प्रबंधन, विद्यार्थी पुस्तक बैंक की स्थापना, वेस्ट मटेरियल का उचित उपयोग और इको-फ्रेंडली नैपकिन इंसीनरेटर जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाई गई। इन प्रयासों का उद्देश्य छात्रों में संसाधनों के बेहतर उपयोग और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को जागृत करना था।

प्राध्यापकों द्वारा सराहना और प्रोत्साहन

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. डी.के. नेमा, डॉ. अरुणा एम. जैन, डॉ. अवधेश कुमार जैन और डॉ. राजू प्रसाद अहिरवार तथा नोडल अधिकारी डॉ. बृजेंद्र सिंह कुसमरिया उपस्थित रहे। वरिष्ठ प्राध्यापकों ने छात्राओं के इन प्रयासों की खुलकर सराहना की। उन्होंने छात्राओं के वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचारी सोच और समस्या-समाधान की क्षमता की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे विचार और नवाचार समाज की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। प्राध्यापकों ने छात्राओं को भविष्य में भी इसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उनके उत्साहवर्धन के लिए महाविद्यालय के समस्त स्टाफ व बड़ी संख्या में उपस्थित छात्राओं का भी आभार व्यक्त किया।

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