माधव महाविद्यालय में प्लास्टिक त्याग जागरूकता अभियान: कपड़े के थैलों का वितरण
ग्वालियर के माधव महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने पर्यावरण संरक्षण हेतु प्लास्टिक मुक्त समाज का संकल्प लिया। विद्यार्थियों को सिंगल यूज प्लास्टिक के...

Gwalior | संवाददाता: संजय पांडेय
द क्लिफ न्यूज़ | ग्वालियर | 16 अक्टूबर 2026
ग्वालियर के माधव महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत, महाविद्यालय के स्वयंसेवकों ने नवरात्र जैसे पावन अवसर को चुनते हुए न केवल स्वयं प्लास्टिक का उपयोग न करने का संकल्प लिया, बल्कि विद्यार्थियों के बीच कपड़े के थैलों के वितरण के माध्यम से इसके प्रयोग को बढ़ावा दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. संजय कुमार पाण्डेय और डॉ. सरिता दीक्षित के कुशल नेतृत्व में किया गया।
अभियान के दौरान, डॉ. संजय कुमार पाण्डेय ने प्लास्टिक को मानव समाज और प्रकृति के लिए एक गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक का अनियंत्रित और लापरवाही भरा उपयोग खाद्य पदार्थों के साथ फेंके जाने वाले कचरे के रूप में बेजुबान जानवरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि इन मूक प्राणियों के जीवन की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है और इसके लिए प्लास्टिक का त्याग आवश्यक है।
सिंगल यूज प्लास्टिक से पूर्ण आजादी का आह्वान
डॉ. सरिता दीक्षित ने अपने संबोधन में सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति को वास्तविक स्वतंत्रता के उत्सव के रूप में वर्णित किया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह प्लास्टिक न केवल मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है, बल्कि पूरे पर्यावरण और जीव-जगत के लिए एक गंभीर संकट उत्पन्न कर रहा है। उन्होंने स्वच्छता के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि अपने आसपास के वातावरण को साफ रखकर हम मौसमी बीमारियों से भी अपना बचाव कर सकते हैं।
इस जागरूकता अभियान में महाविद्यालय के कई शिक्षक और स्वयंसेवकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। डॉ. कौशलेन्द्र अवस्थी, डॉ. प्रशांत साहू, डॉ. दीपक शिन्दे, डॉ. दीप्ति नारंग, डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. रूपाली गोखले और विष्णु दिलीप चौहान जैसे शिक्षकों ने स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया। कृष्णा रजक, मोहम्मद अकरम, कचन कुशवाह, रिमझिम शाक्य, तनु जाटव, वैष्ण्वी बिहारी, आशीष कुशवाह, चेतन सविता और दिशात प्रजापति सहित अन्य स्वयंसेवकों ने इस पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महाविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी इस तरह के पर्यावरण-हितैषी अभियानों को जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, ताकि विद्यार्थी पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक जागरूक हो सकें।
