विकास कार्यों में अनियमितता: सभापति ने दिए लंबित शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
लखनऊ में आयोजित समिति की बैठक में सभापति जितेंद्र सिंह सेंगर ने आवास विकास परिषद, विकास प्राधिकरणों और नगर निकायों से जुड़ी लंबित शिकायतों के...

MAHOBA | संवाददाता: अभिनय सिंह चंदेल
द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 5 नवंबर 2026
लखनऊ स्थित विधान परिषद सभागार में बुधवार, 5 नवंबर को आवास विकास परिषद, विकास प्राधिकरणों, नगर निगमों और जिला पंचायतों में व्याप्त अनियमितताओं की जांच हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति जितेंद्र सिंह सेंगर ने की, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से संबंधित लंबित प्रकरणों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान सभापति सेंगर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न्याय पाने की प्रक्रिया में किसी भी पीड़ित व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और लंबित मामलों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सभापति ने स्पष्ट किया कि न्याय प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, तथा प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करना आवश्यक है ताकि आमजन को समय पर न्याय मिल सके।
विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति और मंशा
इस बैठक में विधान परिषद सदस्यों, जिनमें सीपी चंद, अंगद सिंह, संतोष सिंह और डॉ. रतन पाल शामिल थे, ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। साथ ही, नगर विकास एवं आवास विकास विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद, पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव रविंद्र, विशेष सचिव मनोज सिंह, राजेश राय, राकेश कुमार सिंह, राजेश त्यागी, जयप्रकाश पांडेय और औद्योगिक विकास सचिव विजय किरण आनंद भी उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, जैसे धर्मेंद्र सिंह और हरिप्रताप, भी चर्चा का हिस्सा बने। समिति का मुख्य उद्देश्य विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार लाना और विकास कार्यों से संबंधित अनियमितताओं को पूरी तरह समाप्त करना है।
