महोबा में दीपावली पर 1001 दीपों से होगा गुमनाम बलिदानियों को नमन
बुंदेली समाज नरक चतुर्दशी पर महोबा के हवेली दरवाजा स्थित बलिदानी स्थल पर 1001 दीप जलाकर देश के गुमनाम क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देगा। यह परंपरा...

MAHOBA | संवाददाता: अभिनय सिंह चंदेल
द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 5 नवंबर 2026
दीपावली के पावन अवसर पर महोबा में बुंदेली समाज द्वारा एक अनूठी पहल की जा रही है, जिसके तहत देश के गुमनाम बलिदानियों को याद किया जाएगा। नरक चतुर्दशी की पूर्व संध्या पर, शहर के ऐतिहासिक हवेली दरवाजा स्थित बलिदानी स्थल पर 'एक दीया बलिदानियों के नाम' अभियान के तहत 1001 दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य उन वीर सपूतों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना है जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।
बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर बुंदेलखंडी ने बताया कि यह राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत परंपरा पिछले ग्यारह वर्षों से निरंतर जारी है। इस वर्ष के अभियान की शुरुआत विशेष रूप से वर्ष 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में शहीद हुए 16 गुमनाम क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देने से होगी। इन वीरों को अंग्रेजी हुकूमत द्वारा इसी स्थान पर फांसी दी गई थी। यह ऐतिहासिक स्थल वर्तमान में अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है और इसे एक संरक्षित स्मारक के रूप में विकसित करने की मांग लंबे समय से की जा रही है।
अन्य बलिदानियों को भी किया जाएगा याद
श्रद्धांजलि कार्यक्रम का दायरा सिर्फ 1857 के शहीदों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे अन्य समाधि स्थलों तक भी विस्तारित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत कारगिल युद्ध के शहीद बालेन्द्र सिंह के पैतृक गांव गंज में उनकी समाधि स्थल पर भी दीपदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, दिनेश बुधौलिया, जगदीश यादव और राकेश चौरसिया जैसे स्थानीय शहीदों की समाधियों पर भी पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी।
इस आयोजन में शहर के संभ्रांत नागरिकों सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल होंगे। सभी अपने घरों से दीप लेकर इस सामूहिक दीपदान कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि राष्ट्र की रक्षा करने वाले बलिदानी जनमानस की स्मृति में सदैव जीवित रहते हैं। यह कार्यक्रम देशप्रेम और कृतज्ञता का एक अनुपम संगम होगा, जो आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करेगा।
