गरोठ में मिलावटी पनीर जब्त, डेयरी सील, संचालक गिरफ्तार
गरोठ में खाद्य विभाग की टीम ने 53 किलो संदिग्ध पनीर जब्त कर एक डेयरी सील की और संचालक को गिरफ्तार किया। जांच रिपोर्ट आने...

गरोठ मंदसौर | संवाददाता: राजकुमार कोटवार
द क्लिफ न्यूज़ | 5 नवंबर 2026
मध्यप्रदेश के गरोठ में मुनाफाखोरी के चक्कर में जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने का एक मामला सामने आया है। राजस्व एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने स्थानीय आत्माराम की डेयरी पर छापामार कार्रवाई करते हुए 53 किलोग्राम संदिग्ध एवं अमानक पनीर जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पनीर राजस्थान के पचपहाड़ से मंगवाया गया था।
एसडीएम राहुल चौहान और थाना प्रभारी बलवीर सिंह यादव की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के बाद डेयरी को सील कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी धीरेंद्र सिंह जादौन ने जब्त किए गए पनीर के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। दुकान संचालक आत्माराम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 151 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगामी कानूनी कदम जांच रिपोर्ट आने के बाद उठाए जाएंगे।
क्षेत्र में मिलावटखोरी के खिलाफ छठी कार्रवाई
यह घटना गरोठ क्षेत्र में दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावटखोरी की गंभीर समस्या को रेखांकित करती है। बीते पांच महीनों में यह छठी बार है जब प्रशासन को इस तरह की मिलावट के खिलाफ सख्त कदम उठाना पड़ा है। इससे पहले भी चचावदा पठारी, बरड़िया, अमरा, कोटड़ा बुजुर्ग, डूंगरखेड़ी और बरखेड़ा अंबेखा जैसे स्थानों पर दूध उत्पादों में मिलावट पाए जाने पर कार्रवाई की जा चुकी है। स्थानीय निगरानी व्यवस्था पर भी इस बार-बार होने वाली घटनाओं से सवाल खड़े हो रहे हैं।
मिलावटखोर नेटवर्क पर कड़ा प्रहार आवश्यक
दूध और पनीर जैसे उत्पाद न केवल घरों में बल्कि होटलों और मिठाई की दुकानों में भी बड़े पैमाने पर उपयोग किए जाते हैं। ऐसे में मिलावटी उत्पादों का बाजार में मौजूद होना एक बड़ी आबादी के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। प्रशासन के लिए अब यह पता लगाना एक बड़ी चुनौती है कि इस संदिग्ध पनीर की आपूर्ति श्रृंखला कहां से शुरू होती है और यह किन-किन बाजारों या दुकानों तक पहुंचाई जाती है। केवल एक डेयरी को सील करना और संचालक को गिरफ्तार करना स्थायी समाधान नहीं है। जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस पूरे मिलावटखोर नेटवर्क का भंडाफोड़ करना और उसे ध्वस्त करना अत्यंत आवश्यक है। स्थानीय नागरिक अब प्रशासन से शुद्ध खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु एक ठोस और प्रभावी कार्ययोजना की अपेक्षा कर रहे हैं।
