रामगंगा में अवैध खनन पर प्रशासन की कार्रवाई, बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त
बरेली के चौबारी में देर रात हुई छापेमारी में जिला खनन अधिकारी ने अवैध बालू परिवहन कर रही ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी। स्थानीय पुलिस को सौंपा गया...

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 30 अक्टूबर 2026
बरेली में रामगंगा नदी के किनारे से हो रहे अवैध बालू खनन और परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला खनन अधिकारी मनीष कुमार के नेतृत्व में देर रात करीब दो बजे सुभाषनगर थाना क्षेत्र के ग्राम चौबारी में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस छापेमारी के दौरान, अवैध रूप से बालू का परिवहन कर रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा गया। जब्त किए गए वाहन को आगे की कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
सुभाषनगर थाना क्षेत्र के ग्राम चौबारी में देर रात हुई छापेमारी की बड़ी कार्रवाई
इस विशेष अभियान के तहत, जिला खनन अधिकारी की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर रामगंगा नदी के तटवर्ती इलाके का मुआयना किया। देर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध रूप से बालू का खनन कर रहे थे और उसे ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर कहीं और ले जाने की फिराक में थे। जैसे ही खनन विभाग की टीम ने घेराबंदी की, अवैध खनन में लगे लोग भागने में सफल रहे, लेकिन एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को बालू से भरा हुआ पकड़ा गया। यह कार्रवाई काफी समय से क्षेत्र में फैले अवैध खनन के रैकेट पर एक बड़ा प्रहार मानी जा रही है।
पकड़े गए ट्रैक्टर-ट्रॉली को सुभाषनगर थाने में सीज कर दिया गया है, और विभाग आगे की जांच में जुट गया है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह वाहन किसका है और इस अवैध खनन में कौन-कौन लोग शामिल हैं। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से अवैध खनन करने वालों के हौसले पस्त होंगे और रामगंगा नदी के पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोकने में मदद मिलेगी।
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद खनन विभाग ने अवैध बालू परिवहन पर कसा शिकंजा
सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय से सदर तहसील के रौंदी, मिलक और रामगंगा के तटीय इलाकों में अवैध खनन की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। स्थानीय लोगों और मीडिया द्वारा इस मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद खनन विभाग हरकत में आया। क्षेत्र में यह बात आम हो गई थी कि सूर्यास्त के बाद जेसीबी, डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर बालू का अवैध कारोबार चलाया जा रहा है। इन गतिविधियों से स्थानीय लोगों में काफी रोष व्याप्त था, जो रामगंगा के पारिस्थितिक तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा रही थीं।
अवैध खनन के खिलाफ यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। पूर्व में भी खनन विभाग द्वारा कई बार अभियान चलाकर दर्जनों वाहनों को सीज किया जा चुका है। हालांकि, रात के समय इन अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन को नियमित निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है। स्थानीय निवासी अब उम्मीद कर रहे हैं कि शिकायतों पर इसी तरह की त्वरित और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे रामगंगा के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके। प्रशासन ने अवैध खनन और परिवहन में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
