गरोठ अस्पताल में स्टाफ की कमी, मरीजों को रेफर करने को विवश
मंदसौर के गरोठ सिविल अस्पताल में स्टाफ की भारी कमी से स्वास्थ्य सेवाएं ठप हैं। केवल दो नर्सिंग कर्मचारियों के होने से मरीजों को अन्यत्र...

गरोठ मंदसौर | संवाददाता: राजकुमार कोटवार
द क्लिफ न्यूज़ | 30 अक्टूबर 2026
मंदसौर जिले के गरोठ सिविल अस्पताल में कर्मचारियों की कमी के चलते स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। हाल ही में कई कर्मचारियों के स्थानांतरण और रिलीव होने के बाद, अस्पताल में केवल दो पुरुष नर्सिंग कर्मचारी शेष रह गए हैं। इस अभूतपूर्व स्टाफ की कमी के कारण स्थानीय मरीजों को उपचार के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें अन्य शहरों के अस्पतालों में रेफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
यह स्थिति तब है जब गरोठ सिविल अस्पताल कभी दो सौ से अधिक गांवों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र के रूप में जाना जाता था। सीमावर्ती राजस्थान से भी मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते थे। अस्पताल बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के ऑपरेशनों और सुरक्षित प्रसव जैसी सुविधाओं के लिए ख्याति प्राप्त कर चुका था। वर्तमान में, अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गहरा संकट मंडरा रहा है, जिससे उसकी पुरानी पहचान धूमिल होती दिख रही है।
स्टाफ की कमी का सेवाओं पर प्रभाव
कर्मचारियों की अनुपस्थिति का सीधा असर अस्पताल की सेवाओं पर पड़ रहा है। ब्लड स्टोरेज यूनिट और टीबी सेंटर जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं में भी स्टाफ की कमी बनी हुई है, जिससे इन विभागों की सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका है। जब अस्पताल में पर्याप्त कर्मचारी नहीं होंगे, तो मरीजों को तत्काल और उचित उपचार मिलना मुश्किल हो जाएगा। इस समस्या का सबसे अधिक खामियाजा गरीब परिवारों को भुगतना पड़ रहा है, जो महंगे निजी अस्पतालों का खर्च वहन करने में असमर्थ हैं और सरकारी अस्पताल पर ही निर्भर हैं।
प्रशासनिक जवाबदेही और जनELICITATION
प्रशासनिक प्रक्रियाओं के तहत कर्मचारियों का स्थानांतरण या रिलीव होना एक सामान्य प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वह रिक्त पदों पर वैकल्पिक व्यवस्था करे और प्रभावित सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित रखे। अस्पताल प्रबंधन ने अभी तक इस गंभीर स्थिति की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन मरीजों की बढ़ती मुश्किलें जमीनी हकीकत को बयां कर रही हैं।
क्षेत्रवासियों द्वारा प्रशासन से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने और रिक्त पदों पर नए कर्मचारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो आम जनता बेहतर चिकित्सा सुविधाओं से वंचित हो जाएगी। यह सवाल बना हुआ है कि क्या यह अस्पताल अपनी खोई हुई साख को पुनः प्राप्त कर पाएगा।
