दमोह में भाजपा की संगोष्ठी: लोकतंत्र बचाने का प्रबुद्धजनों ने लिया संकल्प
दमोह में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित प्रबुद्ध जन संवाद संगोष्ठी में लोकतंत्र की मजबूती और अराजकता के खात्मे पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने जागरूक...

Damoh | संवाददाता: सोनू अठया
द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 30 अक्टूबर 2026
दमोह विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित 'प्रबुद्ध जन संवाद संगोष्ठी' में लोकतंत्र को बचाने और राष्ट्र में अराजकता को समाप्त करने के संकल्प लिए गए। इस महत्वपूर्ण आयोजन में जिले के प्रमुख राजनीतिक हस्तियों, शिक्षाविदों और समाज के प्रबुद्ध वर्ग के सदस्यों ने भाग लिया, जिन्होंने समसामयिक विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया। यह संगोष्ठी भारतीय लोकतंत्र की वर्तमान स्थिति और भविष्य की दिशा पर केंद्रित थी, जिसमें वक्ताओं ने देश के भविष्य के निर्माण में नागरिकों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं वरिष्ठ नेता विधायक जयंत कुमार मलैया ने अपने संबोधन में कहा कि देश के लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए समाज के सजग नागरिकों का सक्रिय होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि प्रबुद्ध वर्ग ही समाज को सही दिशा निर्देश प्रदान करता है और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विधायक मलैया ने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि एक जीवन शैली है, जिसे बनाए रखने के लिए प्रत्येक नागरिक को सचेत रहना होगा।
लोकतंत्र की रक्षा में नागरिकों की भूमिका
भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे ने संगोष्ठी के दौरान कहा कि वर्तमान परिदृश्य में लोकतंत्र की सुरक्षा सर्वोपरि है और अराजकता के खिलाफ जन-जागरण अभियान चलाना एक तात्कालिक आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा हमेशा से सुशासन, जनहित के कार्यों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराती रही है। शिवहरे ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब उसके नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक हों और देश की एकता व अखंडता को बनाए रखने में अपना योगदान दें।
इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रबुद्धजनों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर वर्तमान परिस्थितियों पर वैचारिक मंथन करना था। यह संवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि यह नेताओं और आम जनता के बीच एक सेतु का काम करता है, जिससे जमीनी हकीकत को समझने और नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलती है। वक्ताओं ने देश के विकास में शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक समानता जैसे मुद्दों के महत्व पर भी अपने विचार रखे, जिन्हें लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक बताया गया।
वैचारिक मंथन और भविष्य की राह
संगोष्ठी में उपस्थित प्रबुद्धजनों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नकारात्मकता और विभाजनकारी ताकतों से लड़ना हम सभी का दायित्व है। संगोष्ठी के मंच पर जिला उपाध्यक्ष संजय सेन, मनीष सोनी, वरिष्ठ नेता विद्यासागर पांडे, डॉ. राजीव पांडे, पी.एल. शर्मा और नाथूराम राठौर जैसे गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने अनुभव और ज्ञान से चर्चा को समृद्ध किया।
संगोष्ठी का सफल संचालन उद्योग प्रकोष्ठ के संयोजक अमर सिंह राजपूत ने किया, वहीं आभार प्रदर्शन प्रोफेशनल प्रकोष्ठ के संयोजक अनुपम सोनी ने व्यक्त किया। इस आयोजन के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी ने लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी वैचारिक स्थिति को जनता के समक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया है। यह पहल न केवल पार्टी के लिए बल्कि दमोह क्षेत्र के नागरिकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुई, जहाँ लोकतंत्र को मजबूत करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया गया।
