भिंड में बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ जागरूकता अभियान शुरू
महिला एवं बाल विकास विभाग और मेहगांव पुलिस ने 'मिशन वात्सल्य' के तहत बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान चलाया है।

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 30 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश के भिंड जिले के मेहगांव क्षेत्र में बाल भिक्षावृत्ति को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग और मेहगांव पुलिस ने मिलकर 'मिशन वात्सल्य' के तहत इस पहल को आगे बढ़ाया है, जिसका लक्ष्य समाज से इस कुप्रथा को समाप्त कर बच्चों को शोषण मुक्त भविष्य प्रदान करना है। बच्चों के भविष्य को सुरक्षित और संवारने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, ताकि वे शोषण और दुर्व्यवहार से दूर रह सकें और अपनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
इस अभियान के तहत, स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपील की है। थाना प्रभारी रविंद्र शर्मा ने क्षेत्रवासियों से आग्रह किया है कि यदि वे किसी भी बच्चे को भीख मांगते हुए या बाल श्रम में संलग्न पाते हैं, तो तत्काल इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें। नागरिकों को सतर्क रहने और अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि कोई भी बच्चा अपनी मासूमियत और बचपन से वंचित न रहे और उसे एक सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर मिले।
बाल सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
प्रशासन ने इस जागरूकता अभियान के साथ-साथ सहायता के लिए दो महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में नागरिक 112 डायल कर सकते हैं। वहीं, बाल संबंधित किसी भी सहायता या सूचना के लिए 1098 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। इन नंबरों के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। यह सुनिश्चित करने के लिए कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे, प्रशासन ने विभिन्न विभागों के साथ मिलकर एक समन्वय तंत्र स्थापित किया है, जो शिकायतों पर तुरंत प्रतिक्रिया देगा।
यह पहल क्षेत्र में बच्चों के उज्जवल भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। स्थानीय स्तर पर इस प्रयास को बाल श्रम की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और बच्चों के संरक्षण को लेकर एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। 'मिशन वात्सल्य' के अंतर्गत संचालित यह अभियान बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भीख मांगने या बाल श्रम में लगे बच्चों को पुनर्वासित किया जाए और उन्हें शिक्षा व अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें और एक स्वस्थ जीवन जी सकें। प्रशासन का मानना है कि जनता के सहयोग से ही इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
