नरसिंहगढ़ में करवा चौथ: सुहागिनों ने रखी निर्जला व्रत, चंद्र दर्शन कर खोला
नरसिंहगढ़ में करवा चौथ का पर्व श्रद्धा और उल्लास से मनाया गया। सुहागिनों ने पति की लंबी आयु की कामना से निर्जला व्रत रखा और...

नरसिंहगढ़ ब्यावरा राजगढ़ | संवाददाता: महेंद्र शर्मा
द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 30 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश के नरसिंहगढ़ में करवा चौथ का पावन पर्व शनिवार, 30 अक्टूबर 2026 को पूरे श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विवाहित महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की खुशहाली की कामना करते हुए दिनभर कठिन निर्जला उपवास रखा। शाम के समय महिलाओं ने पूरे विधि-विधान के साथ करवा चौथ माता की पूजा-अर्चना की और पारंपरिक कथा का श्रवण कर चंद्रमा के उदय होने की प्रतीक्षा की।
दिनभर भूखी-प्यासी रहकर व्रत का पालन करने वाली महिलाओं का इंतजार रात करीब आठ बजकर तीस मिनट पर समाप्त हुआ। बादलों की लुका-छिपी के बीच जैसे ही चंद्रमा के दर्शन हुए, महिलाओं ने छलनी में दीपक रखकर पहले चंद्रमा और फिर अपने पति का चेहरा देखा। इसके उपरांत चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित कर पति के हाथों जल ग्रहण किया और अपना निर्जला व्रत पूर्ण किया। यह परंपरा पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन का प्रतीक मानी जाती है।
बाजारों में दिखी खरीदारी की धूम, मौसम ने डाला खलल
करवा चौथ के अवसर पर नगर के बाजारों में पिछले तीन दिनों से खरीदारी की विशेष रौनक देखी गई थी। महिलाओं ने इस पर्व के लिए विशेष श्रृंगार सामग्री, वस्त्र और अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी की। हालांकि, पर्व के दिन अचानक बदले मौसम और रुक-रुक कर हुई बारिश के कारण देर शाम बाजार में चहल-पहल थोड़ी धीमी पड़ गई। इसके विपरीत, मौसम में आई ठंडक ने व्रत रखने वाली महिलाओं को दिनभर की भीषण गर्मी से कुछ राहत अवश्य प्रदान की।
बादलों के कारण चंद्र दर्शन में थोड़ी विलंब हुआ, जिससे महिलाओं को अतिरिक्त धैर्य रखना पड़ा। परंतु, चंद्रमा के दीदार के साथ ही पर्व की खुशियां दोगुनी हो गईं। नगर के हर घर में इस दौरान महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था, जो इस प्राचीन परंपरा के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है।
