खेल में टखने की मोच: कारण, गंभीर चोटें और प्रभावी उपचार
खेलकूद के दौरान टखने में मोच, खिंचाव और लिगामेंट चोटें आम हैं। जानें इनके प्रकार, बचाव और ठीक होने की प्रक्रिया, साथ ही कब लेनी चाहिए विशेषज्ञ की सलाह।

द क्लिफ न्यूज़ | 23 अक्टूबर 2026
खेलकूद के दौरान टखने में मोच आना, मांसपेशियों में खिंचाव और लिगामेंट की चोटें सामान्य हैं, जो खासकर फुटबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन, बास्केटबॉल और दौड़ जैसी गतिविधियों में अचानक पैर मुड़ने, असंतुलित होकर गिरने या गलत तरीके से ज़मीन पर उतरने के कारण हो सकती हैं। ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी उपचार को शुरू करने से पहले यह समझना महत्वपूर्ण है कि चोट टखने के किन हिस्सों को प्रभावित कर रही है - चाहे वह लिगामेंट हो, मांसपेशी, टेंडन, हड्डी या जोड़ की कार्टिलेज।
लिगामेंट, जो हड्डियों को आपस में जोड़कर जोड़ों को स्थिरता प्रदान करते हैं, टखने के अंदर की ओर मुड़ने पर अक्सर बाहरी लिगामेंट घायल हो जाते हैं। इनमें एंटीरियर टैलोफिबुलर लिगामेंट (ATFL) सबसे अधिक प्रभावित होता है। गंभीर मोच की स्थिति में कैल्केनियोफिबुलर लिगामेंट (CFL) और अन्य लिगामेंट भी क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। दूसरी ओर, मांसपेशियों या टेंडन के अत्यधिक खिंचाव को 'स्ट्रेन' कहा जाता है, और यह अकिलीज टेंडन, पिंडली की मांसपेशियों या पेरोनियल टेंडन में संभव है।
मोच की चोटों का वर्गीकरण और गंभीरता
चिकित्सकीय दृष्टिकोण से, टखने की मोच को तीन श्रेणियों में विभाजित किया जाता है। पहली श्रेणी में, लिगामेंट के रेशों को हल्की क्षति पहुंचती है, जिससे सामान्य दर्द और सूजन होती है। दूसरी श्रेणी में, लिगामेंट आंशिक रूप से फट सकता है, जिसके परिणामस्वरूप चलने में दर्द, प्रभावित हिस्से का नीला पड़ना (नील पड़ना) और अस्थिरता महसूस होती है। तीसरी और सबसे गंभीर श्रेणी में, लिगामेंट पूरी तरह फट सकता है, जिससे काफी अधिक सूजन, अत्यधिक अस्थिरता और चलने में गंभीर कठिनाई हो सकती है। चोट लगने के तुरंत बाद प्रारंभिक सूजन को कम होने देने के बाद, दोबारा परीक्षण करके चोट की गंभीरता का अधिक सटीक आकलन किया जा सकता है।
विशेष प्रकार की गंभीर चोटें
कुछ खिलाड़ियों में 'हाई एंकल स्प्रेन' भी देखा जाता है। यह सामान्य मोच से अधिक गंभीर हो सकता है और इसमें टिबिया व फिबुला हड्डियों को जोड़ने वाले लिगामेंट घायल होते हैं, जिसके कारण ठीक होने में अधिक समय लग सकता है। इसी तरह, अकिलीज टेंडन का पूरी तरह से टूटना या हड्डी में फ्रैक्चर होने की स्थिति में तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सा मूल्यांकन की आवश्यकता होती है।
लिगामेंट की मरम्मत और पुनर्प्राप्ति प्रक्रिया
लिगामेंट के ठीक होने की प्रक्रिया आम तौर पर तीन चरणों में पूरी होती है। शुरुआती चरण में, प्रभावित क्षेत्र में सूजन, दर्द और ऊतकों में प्रतिक्रिया देखने को मिलती है। दूसरे चरण में, फाइब्रोब्लास्ट नामक कोशिकाएं कोलेजन का उत्पादन कर क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत का कार्य शुरू करती हैं। तीसरे और अंतिम चरण में, कोलेजन के रेशे व्यवस्थित होकर मजबूती प्राप्त करते हैं। यह पूरी प्रक्रिया कई हफ्तों से लेकर महीनों तक चल सकती है। इसलिए, केवल दर्द का समाप्त होना पूरी तरह स्वस्थ होने का पैमाना नहीं है; ऊतकों की पूरी मजबूती लौटना महत्वपूर्ण है।
प्रारंभिक उपचार और बचाव के उपाय
चोट लगने के शुरुआती 72 घंटों के भीतर, प्रभावित टखने को अतिरिक्त दबाव और दोबारा चोट लगने से बचाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दौरान दौड़ना, कूदना या अचानक दिशा बदलने वाली गतिविधियों से बचना चाहिए। दर्द कम करने के लिए, एक कपड़े में लपेटकर प्रभावित हिस्से पर 15 से 20 मिनट तक बर्फ से सिकाई की जा सकती है। सूजन को नियंत्रित करने और टखने को सहारा देने के लिए इलास्टिक बैंडेज या एंकल ब्रेस का उपयोग उपयोगी हो सकता है। आराम करते समय पैर को थोड़ा ऊँचा रखने से भी राहत मिलती है। चोट के शुरुआती दिनों में तेज मालिश और जबरदस्ती खिंचाव से परहेज करना चाहिए।
दर्द नियंत्रण और दवाएं
दर्द नियंत्रण के लिए, चिकित्सकीय सलाह के अनुसार पैरासिटामोल जैसी सामान्य दर्द निवारक दवाएं या स्थानीय दर्द निवारक जैल का उपयोग किया जा सकता है। कुछ विशेष परिस्थितियों में सूजन कम करने वाली दवाएं भी निर्धारित की जा सकती हैं। हालांकि, किडनी, पेट या हृदय संबंधी बीमारियों से ग्रसित मरीजों को ऐसी दवाएं देते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। सामान्य मोच की स्थिति में एंटीबायोटिक्स, स्टेरॉयड इंजेक्शन या पीआरपी (प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा) उपचार नियमित रूप से आवश्यक नहीं होते हैं।
फिजियोथेरेपी और पुनर्वास का महत्व
उपचार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा फिजियोथेरेपी और पुनर्वास है। एक बार दर्द और सूजन कम हो जाने पर, चिकित्सकीय मार्गदर्शन में धीरे-धीरे प्रभावित पैर पर वज़न डालना, टखने की गतिविधियों को बढ़ाना, मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम और संतुलन सुधारने वाले अभ्यास शुरू किए जाते हैं। सामान्य मोच की स्थिति में, लंबे समय तक टखने को पूरी तरह स्थिर रखना उचित नहीं माना जाता है। गंभीर चोटों के मामलों में, कुछ समय के लिए विशेष ब्रेस या अन्य सहायक उपकरणों की आवश्यकता पड़ सकती है।
कब लें विशेषज्ञ की सलाह
यदि चोट लगने के बाद चार कदम चलना भी संभव न हो, हड्डी के विशेष स्थानों पर तीव्र दर्द हो, टखना विकृत दिखाई दे, या पैर सुन्न या ठंडा पड़ जाए, तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। आवश्यकतानुसार, एक्स-रे या एमआरआई जैसी इमेजिंग तकनीकों से चोट की वास्तविक स्थिति का सटीक पता लगाया जा सकता है।
टखने की अधिकांश सामान्य मोच का सफल उपचार बिना सर्जरी के संभव है। समय पर सही निदान, पर्याप्त सुरक्षा, नियंत्रित गतिविधियाँ और नियमित पुनर्वास से टखने की ताकत और स्थिरता को पुनः प्राप्त किया जा सकता है। खेल में वापसी का निर्णय केवल दर्द खत्म होने पर आधारित नहीं होना चाहिए, बल्कि संतुलन, मांसपेशियों की पर्याप्त शक्ति और टखने की कार्यक्षमता के पूर्ण मूल्यांकन के बाद ही लिया जाना चाहिए।
