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गौरझामर में झोलाछाप डॉक्टरों को नोटिस, जवाब का इंतजार

सागर जिले के गौरझामर में बिना वैध योग्यता के अस्पताल चलाने के आरोपों पर स्वास्थ्य विभाग ने दो कथित डॉक्टरों को नोटिस जारी किया है।...

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•संवाददाता: त्रिवेंद्र जाट
गौरझामर में झोलाछाप डॉक्टरों को नोटिस, जवाब का इंतजार

देवरी जिला सागर मध्यप्रदेश | संवाददाता: त्रिवेंद्र जाट

द क्लिफ न्यूज़ | सागर | 22 अक्टूबर 2026

मध्य प्रदेश के सागर जिले की देवरी तहसील के गौरझामर में बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के अस्पताल संचालित करने के आरोप में दो कथित डॉक्टरों, डॉ. टीके विश्वास और डॉ. अश्वनी मजूमदार, को स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस जारी किया है। दोनों पर इंजेक्शन और ड्रिप के माध्यम से मरीजों के इलाज का आरोप है, जिसमें सर्जरी और ऑपरेशन के दावे भी शामिल हैं।

इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. देवेश पटेरिया ने देवरी के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. पूजा परमार को तत्काल जांच के निर्देश दिए थे। बीएमओ द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान दोनों कथित डॉक्टर अपने अस्पतालों में अनुपस्थित पाए गए। विभाग ने अब दोनों को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है। बीएमओ डॉ. पूजा परमार के अनुसार, प्राप्त जवाब के आधार पर ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने उठाए सवाल, की कड़ी कार्रवाई की मांग

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि ये दोनों व्यक्ति लंबे समय से बिना किसी वैध योग्यता के अस्पताल चला रहे हैं और मरीजों का इलाज कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इन कथित डॉक्टरों को विभागीय अधिकारियों से संरक्षण मिल रहा है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से दोनों अस्पतालों के पंजीकरण (पंजीयन) और संबंधित डॉक्टरों की शैक्षणिक डिग्रियों की गहन जांच करने की मांग की है।

क्षेत्र के लोग इस बात पर जोर दे रहे हैं कि मरीजों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए और स्वास्थ्य विभाग को नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। नोटिस की सात दिवसीय अवधि समाप्त होने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्वास्थ्य विभाग मरीजों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

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