देवरी ब्लॉक में झोलाछाप डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग की सख्त कार्रवाई का ऐलान
देवरी ब्लॉक के ग्रामीण इलाकों में बिना वैध डिग्री के अस्पताल चलाने वाले झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। बुधवार...

देवरी जिला सागर मध्यप्रदेश | संवाददाता: त्रिवेंद्र जाट
द क्लिफ न्यूज़ | सागर | 20 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी ब्लॉक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. पूजा परमार के निर्देशानुसार, क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में बिना किसी मान्य चिकित्सा डिग्री के अवैध रूप से अस्पताल चला रहे तथा मरीजों का इलाज कर रहे कथित झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ बुधवार से व्यापक और सख्त कार्रवाई का अभियान शुरू किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की टीम उन गांवों में औचक निरीक्षण करेगी जहां लंबे समय से झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने की शिकायतें मिल रही थीं। इनमें गौरझामर, सिंगपुर गंजन, कोपरा और अनंतपुरा जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। स्थानीय स्तर पर ऐसी खबरें सामने आ रही थीं कि कुछ व्यक्ति बिना किसी उचित चिकित्सकीय योग्यता के ही गंभीर बीमारियों का इलाज करने का दावा कर रहे हैं, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
फर्जी अस्पतालों पर गिरेगी गाज, बीएमओ ने खारिज किए दावे
हाल ही में, गौरझामर में संचालित कुछ अस्पतालों के संचालकों द्वारा यह दावा किया गया था कि उनके अस्पताल ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के आदेश पर संचालित हो रहे हैं। टी.के. विश्वास और अश्वनी मजूमदार जैसे नामों को इस संदर्भ में जोड़ा जा रहा था। हालांकि, बीएमओ डॉ. पूजा परमार ने इन दावों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि विभाग की ओर से ऐसे किसी भी अवैध संचालन को कोई संरक्षण या अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने ऐसे दावों को सिरे से खारिज करते हुए सख्त रुख अपनाया है।
डॉ. परमार ने बताया कि जांच दल विशेष रूप से सिंगपुर गंजन में अरविंद विश्वास और रितेश विश्वास से जुड़े अस्पतालों की पड़ताल करेगा। इसके अतिरिक्त, कोपरा और अनंतपुरा में भी संचालित हो रहे संदिग्ध अस्पतालों की सघन जांच की जाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल वैध डिग्री और आवश्यक अनुमतियों वाले चिकित्सा व्यवसायी ही मरीजों का इलाज कर सकें।
कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी
जांच के दौरान यदि किसी भी अस्पताल के संचालन में चिकित्सकीय योग्यता या अस्पताल संचालन के संबंध में आवश्यक वैध दस्तावेजों में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले ऐसे सभी अनधिकृत चिकित्सा केंद्रों को बंद कराने की प्रक्रिया भी प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को सुरक्षित और प्रमाणित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
इस कार्रवाई से देवरी ब्लॉक के झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध रूप से अस्पताल चलाने वाले संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय निवासियों और आमजन की नजरें अब स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्तावित इस अभियान के जमीनी स्तर पर प्रभाव देखने पर टिकी हैं। उम्मीद है कि यह अभियान प्रभावी साबित होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध चिकित्सा संचालन पर पूर्ण विराम लग सकेगा, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
