भिंड जिला अस्पताल का डायलिसिस वार्ड सील हुआ, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
भिंड जिला चिकित्सालय के डायलिसिस वार्ड की सीलिंग गिरने के बाद हड़कंप मच गया। कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए हैं और वार्ड को सुरक्षित...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 30 अक्टूबर 2026
भिंड जिला चिकित्सालय के डायलिसिस वार्ड में उस समय हड़कंप मच गया जब वार्ड की सीलिंग अचानक गिर गई। इस घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया। कलेक्टर पवन जैन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर कलेक्टर राजन बी नाडिया को एसडीएम और तहसीलदार के साथ मौके पर पहुंचकर विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं।
यह घटना अस्पताल के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि डायलिसिस वार्ड जैसी महत्वपूर्ण सुविधा में सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। इस तरह की दुर्घटनाएं न केवल मरीजों के लिए बल्कि वहां कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भी जोखिम पैदा कर सकती हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में सौभाग्यवश किसी भी मरीज या अस्पताल कर्मचारी को कोई शारीरिक चोट नहीं आई है। अस्पताल प्रबंधन ने इस बात की पुष्टि की है कि सभी लोग सुरक्षित हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
सुरक्षा के दृष्टिगत निर्देश
कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन को निर्देश दिया है कि डायलिसिस वार्ड को तत्काल किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। यह सुनिश्चित करने के लिए कि मरीजों को किसी भी असुविधा या खतरे का सामना न करना पड़े, उन्हें शीघ्र अति शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था में शिफ्ट करने का आदेश दिया गया है। उन्होंने भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए अस्पताल भवन की सुरक्षा और आवश्यक मरम्मत कार्यों पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया है। इसमें नियमित सुरक्षा ऑडिट और संरचनात्मक मूल्यांकन शामिल हो सकते हैं ताकि इमारत की समग्र स्थिति का पता लगाया जा सके और किसी भी संभावित खामी को समय रहते सुधारा जा सके।
अपर कलेक्टर ने लिया जायजा
अपर कलेक्टर राजन बी नाडिया ने अपनी टीम के साथ जिला चिकित्सालय का दौरा कर घटना स्थल का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने गिरी हुई सीलिंग के क्षेत्र का निरीक्षण किया और मरीजों तथा अस्पताल प्रबंधन से भी बातचीत कर घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। प्रशासन की सक्रियता के चलते वार्ड में भर्ती मरीजों को तत्काल अन्यत्र शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कदम मरीजों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखने की प्राथमिकता को दर्शाता है। अस्पताल प्रबंधन अब भवन की संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य कर रहा है, ताकि मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। इसके लिए, भवन के अन्य हिस्सों की भी जांच की जा सकती है और आवश्यकतानुसार सुदृढ़ीकरण या मरम्मत कार्य किए जा सकते हैं, ताकि चिकित्सालय एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करता रहे।
