बलरामपुर में बहू-बेटी सम्मेलन: सुरक्षा, अधिकार और सम्मान के प्रति जागरूकता
बलरामपुर के लोहेपनिया गांव में आयोजित बहू-बेटी सम्मेलन में महिला पुलिस कर्मियों ने ग्रामीण महिलाओं और बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और पारिवारिक...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 3 नवंबर 2026
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत लोहेपनिया में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण 'बहू-बेटी सम्मेलन' का आयोजन किया गया। महराजगंज तराई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को उनके सम्मान, सुरक्षा और मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। महिला बीट आरक्षियों और सुगमकर्ताओं के नेतृत्व में आयोजित इस गोष्ठी में बड़ी संख्या में गांव की महिलाओं और बालिकाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत 'हमारा संबंध जाल' गतिविधि से हुई, जिसके माध्यम से उपस्थित लोगों को समझाया गया कि परिवार की खुशहाली आपसी प्रेम, विश्वास और सम्मान की नींव पर निर्भर करती है। पुलिस कर्मियों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि परिवार के प्रत्येक सदस्य की भावनाओं का सम्मान करना और स्वस्थ संवाद बनाए रखना अनिवार्य है। यह भी स्पष्ट किया गया कि समाज में बेटियों को समान अवसर और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना परिवार की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सुरक्षा और आपातकालीन सहायता पर जोर
सम्मेलन के दौरान, सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस टीम ने महिलाओं को विभिन्न सरकारी हेल्पलाइन नंबरों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या आपात स्थिति में बिना किसी झिझक के पुलिस सहायता लेने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर जागरूकता बढ़ाने वाले पंपलेट भी वितरित किए गए, जिनमें महत्वपूर्ण जानकारी शामिल थी।
सामुदायिक भागीदारी और भविष्य की पहल
आरक्षी पवनेश कुमार, महिला आरक्षी सोनम अवस्थी, श्रेवता मद्धेशिया और पूजा यादव ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं की सुरक्षा केवल पुलिस का कार्य नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा कर्तव्य है। इस कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्री शिव कुमारी, आशा बहू गीता देवी, अध्यापक रवि और चौकीदार तिलक राम सहित स्थानीय समुदाय के कई सदस्य भी उपस्थित रहे। थाना महाराजगंज तराई पुलिस द्वारा आयोजित इस पहल की ग्रामीणों ने हृदय से सराहना की। पुलिस अधिकारियों ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता अभियानों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया, ताकि एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण सामाजिक वातावरण का निर्माण किया जा सके।
