लखनऊ में एनडीए की विशाल पदयात्रा: 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ'
लखनऊ में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में एनडीए के नेता और कार्यकर्ता एकजुट हुए। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नेतृत्व किया, जबकि...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | लखनऊ | 3 नवंबर 2026
लखनऊ में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' नामक एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाना था।
पदयात्रा में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्य अतिथि के तौर पर नेतृत्व संभाला। उनके साथ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह भी मौजूद रहे। इस आयोजन ने एनडीए गठबंधन की शक्ति और एकता को दर्शाया, जिसमें निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद, अपना दल (एस) के वरिष्ठ नेता आशीष पटेल और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। विभिन्न दलों के नेताओं ने संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और एकजुटता का संदेश दिया।
बलरामपुर से जनप्रतिनिधियों की भागीदारी
बलरामपुर जिले से सदर विधायक पलटूराम के नेतृत्व में एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल इस पदयात्रा में शामिल होने के लिए लखनऊ पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल में तुलसीपुर के विधायक कैलाश नाथ शुक्ल, उतरौला के विधायक राम प्रताप वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी और नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू जैसे महत्वपूर्ण स्थानीय नेता भी शामिल थे। जिलाध्यक्ष रवि कुमार मिश्र की अगुवाई में सैकड़ों कार्यकर्ताओं, ब्लॉक प्रमुखों और पूर्व विधायकों ने इस पदयात्रा में भाग लेकर अनुशासन और उत्साह का परिचय दिया।
वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यक्रम कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने और संगठन के आगामी लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पदयात्रा के दौरान समर्थकों में संगठन की नीतियों के प्रति स्पष्ट उत्साह और व्यापक समर्थन देखने को मिला, जो भविष्य की राजनीतिक गतिविधियों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
