आईजीआरएस रैंकिंग में बरेली परिक्षेत्र अव्वल, डीआईजी ने पुरस्कृत करने की घोषणा की
उत्तर प्रदेश की जनसुनवाई समाधान प्रणाली में बरेली परिक्षेत्र अक्टूबर माह की रैंकिंग में प्रथम रहा। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले...

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 3 नवंबर 2026
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी जनसुनवाई समाधान प्रणाली (आईजीआरएस) के तहत शिकायतों के प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण में बरेली परिक्षेत्र ने अक्टूबर माह की रैंकिंग में पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अजय कुमार साहनी के कुशल नेतृत्व में शिकायतों की नियमित समीक्षा और त्वरित समाधान की प्रभावी कार्यप्रणाली ने यह उपलब्धि दिलाई है। यह सफलता दर्शाता है कि किस प्रकार व्यवस्थित दृष्टिकोण और समर्पण से जनसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
इस उत्कृष्ट प्रदर्शन में परिक्षेत्र के जनपद बदायूं ने भी प्रदेश स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल कर बरेली परिक्षेत्र का मान बढ़ाया है। इसके साथ ही, बरेली परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुल 64 पुलिस थानों ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त कर पुलिस विभाग की कार्यक्षमता को नई दिशा दी है। इनमें बरेली जिले के 25, बदायूं के 15, पीलीभीत के 12 और शाहजहांपुर के 12 थाने शामिल हैं, जिन्होंने जनशिकायतों के निपटान में सराहनीय प्रदर्शन किया है। इस सामूहिक प्रयास ने यह साबित कर दिया है कि जब पूरा परिक्षेत्र एक लक्ष्य के साथ काम करता है, तो सफलता निश्चित है।
उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुलिसकर्मियों का होगा सम्मान
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में योगदान देने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत प्रयासों को मान्यता देता है, बल्कि अन्य कर्मियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा। उपनिरीक्षक शालू, कंप्यूटर ऑपरेटर अमरेन्द्र कुमार और आरक्षी सलिल सक्सेना को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। डीआईजी ने इस बात पर जोर दिया कि जनशिकायतों के प्रति जवाबदेही और पारदर्शिता पुलिस विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
डीआईजी साहनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन थानों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है, उनकी कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की जाएगी और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। यह एक सचेत कदम है ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जा सके और सभी थानों में एक समान उत्कृष्ट कार्यप्रणाली लागू हो। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार की तत्परता और संवेदनशीलता के साथ आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। यह रैंकिंग न केवल पुलिस व्यवस्था में सुधार का संकेत है, बल्कि जनता के प्रति पुलिस की संवेदनशीलता को भी दर्शाती है। परिक्षेत्र में प्रदर्शन में निरंतर सुधार के लिए निगरानी जारी रखी जाएगी, जिससे आम नागरिकों को बेहतर पुलिसिंग का अनुभव मिल सके।
