उज्ज्वला लाभार्थियों को दो मुफ्त एलपीजी रिफिल, महिलाओं के जीवन में आएगा बदलाव
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पात्र महिलाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 में दो निःशुल्क एलपीजी सिलेंडर रिफिल देने का ऐलान किया...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 3 नवंबर 2026
उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए दो निःशुल्क एलपीजी सिलेंडर रिफिल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस नई पहल का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोकभवन से किया, जिसके सजीव प्रसारण को जनपद बलरामपुर के कलेक्ट्रेट सभागार में भी देखा गया।
बलरामपुर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम मनोहर तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता और जिला पूर्ति अधिकारी कुमार निर्मलेन्दु सहित अन्य विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में लाभार्थी महिलाएं उपस्थित थीं।
ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम और लाभार्थियों की संख्या
मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि बलरामपुर जनपद में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत कुल 2,22,954 लाभार्थी पंजीकृत हैं। इनमें से 1,69,482 महिलाओं ने अपनी ई-केवाईसी (ईलेक्ट्रॉनिक ग्राहक पहचान) प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। यह ई-केवाईसी प्रक्रिया योजना के सुचारू क्रियान्वयन और लाभार्थियों के खातों में सीधे सब्सिडी हस्तांतरित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
निःशुल्क रिफिल के लिए दो चरण
इस योजना के क्रियान्वयन को सुगम बनाने के लिए इसे दो चरणों में विभाजित किया गया है। प्रथम चरण अक्टूबर 2026 से दिसंबर 2026 तक चलेगा, जिसके दौरान पात्र महिलाएं अपने पहले निःशुल्क सिलेंडर रिफिल का लाभ उठा सकेंगी। द्वितीय चरण जनवरी 2027 से मार्च 2027 तक संचालित होगा, जिसमें दूसरी निःशुल्क रिफिल प्रदान की जाएगी। इस प्रकार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक, पात्र महिलाएं कुल दो निःशुल्क रिफिल प्राप्त कर सकेंगी।
सब्सिडी हस्तांतरण की प्रक्रिया
कार्यक्रम के दौरान 10 लाभार्थी महिलाओं को सब्सिडी राशि के प्रतीकात्मक चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों को सर्वप्रथम गैस एजेंसी से सिलेंडर रिफिल का भुगतान अपनी ओर से करना होगा। भुगतान के उपरांत, सब्सिडी की धनराशि, जो कि प्रति सिलेंडर 1,013 रुपये है, पांच दिनों के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित कर दी जाएगी। इस प्रक्रिया के लिए ई-केवाईसी का पूर्ण होना अनिवार्य है।
सब्सिडी का सरकारी योगदान
जिला पूर्ति अधिकारी कुमार निर्मलेन्दु ने सब्सिडी राशि के वितरण में सरकारी योगदान का विवरण देते हुए बताया कि प्रति सिलेंडर कुल 1,013 रुपये की सब्सिडी में 356.17 रुपये का वहन केंद्र सरकार द्वारा किया जा रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार 656.83 रुपये का योगदान दे रही है। यह संयुक्त प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी की पहुंच को सुलभ बनाने और पारंपरिक ईंधन के उपयोग को हतोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने शेष लाभार्थियों से भी अपील की कि वे शीघ्र अतिशीघ्र अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूर्ण करा लें, ताकि वे इस लाभकारी योजना का पूर्ण लाभ उठा सकें और कोई भी पात्र महिला इस सुविधा से वंचित न रहे।
महिलाओं के स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव
मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने इस योजना के सामाजिक और आर्थिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कदम ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं के जीवन स्तर में एक सकारात्मक और व्यापक बदलाव लाएगा। स्वच्छ ईंधन के रूप में एलपीजी के उपयोग से न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा होगी, जो पारंपरिक चूल्हों से निकलने वाले धुएं के कारण विभिन्न श्वसन संबंधी बीमारियों से ग्रसित हो जाती हैं, बल्कि ईंधन की खरीद पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ में भी कमी आएगी। इससे उनकी बचत क्षमता बढ़ेगी और वे अन्य आवश्यक जरूरतों पर धन खर्च कर सकेंगी।
कार्यक्रम के दौरान, संबंधित गैस एजेंसी के प्रतिनिधियों को भी निर्देश दिए गए कि वे लाभार्थियों को इस योजना की प्रक्रिया, पात्रता मानदंडों और इसके लाभों के बारे में निरंतर जागरूक करते रहें। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी विजय प्रकाश सहाय, अमित कुमार सिंह और जिले के सभी छह पूर्ति निरीक्षक सहित अन्य विभागीय कर्मचारी भी इस महत्वपूर्ण अवसर पर उपस्थित रहे। सरकार की इस नई पहल से बलरामपुर जिले की हजारों महिलाओं को सीधे आर्थिक राहत मिलने और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार होने की प्रबल उम्मीद है।
