बरेली: मढ़ौली गांव में राशन धांधली और वसूली की जांच शुरू
बरेली के मढ़ौली गांव में कोटेदार पर कम राशन देने और नया कार्ड बनवाने के नाम पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों...

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 3 नवंबर 2026
बरेली जिले के फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र के मढ़ौली गांव में राशन वितरण में धांधली और नए राशन कार्ड बनवाने के एवज में अवैध वसूली की शिकायतों ने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। ग्रामीणों द्वारा की गई सामूहिक शिकायत के बाद सोमवार को एडीओ एग्रीकल्चर सत्यवीर सिंह ने गांव पहुंचकर मामले की जांच शुरू की और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए।
ग्रामीणों ने राशन डीलर नरेश कुमार पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। जगदीश, विनोद, कृष्णा, हुकुम सिंह, नत्थो देवी, रामचंद्र, नानक चंद, रामचंद्र मौर्य, ओमवती, वीर बहादुर और मनोज सहित दर्जनों ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए कहा कि कोटेदार प्रत्येक कार्डधारक को सरकारी कोटे से एक किलोग्राम कम राशन दे रहा है। इससे न केवल उनकी आर्थिक क्षति हो रही है, बल्कि वे आवश्यक सामग्री से वंचित भी हो रहे हैं।
राशन कार्ड के नाम पर मांगे जा रहे पैसे
शिकायतों का एक अन्य गंभीर पहलू यह है कि राशन कार्ड बनवाने के लिए ग्रामीणों से मोटी रकम की मांग की जा रही है। मनोज कुमार ने बताया कि नए राशन कार्ड बनवाने के लिए कोटेदार ढाई से तीन हजार रुपये तक वसूल रहा है। कई ग्रामीणों ने पैसे देने के बावजूद अभी तक उनके कार्ड नहीं बन पाए हैं, जिससे वे अत्यधिक परेशान हैं। इसके अतिरिक्त, जिन लोगों के नाम पूर्व में स्वीकृत राशन सूची से हटा दिए गए हैं, उन्हें इसकी सूचना तक नहीं दी गई है, जिससे वे और भी उलझन में हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि कोटेदार उन पर साबुन और सर्फ जैसी अतिरिक्त सामग्री खरीदने का दबाव बनाता है, और यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें राशन देने से भी इनकार कर दिया जाता है। यह स्थिति मढ़ौली गांव के लोगों के लिए दोहरी मार साबित हो रही है।
जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी
एडीओ एग्रीकल्चर सत्यवीर सिंह ने इस मामले पर कहा कि ग्रामीणों द्वारा लिखित शिकायतें प्राप्त हुई थीं। जांच के दौरान, उन्होंने मौखिक रूप से अपने आरोपों को दोहराया, हालांकि, अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश करने में असमर्थ रहे। अधिकारी ने आश्वस्त किया कि इस पूरे प्रकरण की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और उसे आगामी दिनों में उच्च अधिकारियों को सौंपा जाएगा।
वहीं, दूसरी ओर, आरोपी कोटेदार नरेश कुमार ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए उन्हें पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि वे किसी भी तरह की अनियमितता में लिप्त नहीं हैं। अब यह मामला उच्च स्तरीय जांच पर टिका है, जिसके बाद ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
