बलरामपुर में 280 किलो संदिग्ध मिठाई जब्त, जनस्वास्थ्य पर हो रहा था खतरा
बलरामपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने 280 किलो संदिग्ध छेना मिठाई जब्त कर नष्ट की। निर्माण तिथि न होने पर कार्रवाई, जनस्वास्थ्य को खतरा। नमूने...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 3 नवंबर 2026
बलरामपुर जिले में आमजन को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन के निर्देशानुसार, विभाग द्वारा मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत यह कदम उठाया गया है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश कुमार शुक्ल के नेतृत्व वाली एक टीम ने ललिया थाना क्षेत्र में वाहन संख्या यूपी 46 डब्लू 8161 का निरीक्षण किया। इस दौरान वाहन से 280 किलोग्राम छेना मिठाई और 48 किलोग्राम बत्तीसा मिठाई बरामद की गई। अधिकारियों ने पाया कि जब्त की गई छेना मिठाई पर निर्माण तिथि और उपयोग की अंतिम तिथि का कोई भी विवरण अंकित नहीं था, जो खाद्य सुरक्षा मानकों का स्पष्ट उल्लंघन है।
संदिग्ध मिठाइयों के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए
जनस्वास्थ्य के लिए संभावित जोखिम को देखते हुए, प्रवर्तन टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 280 किलोग्राम छेना मिठाई को मौके पर ही नष्ट कर दिया। इसके अतिरिक्त, दोनों प्रकार की मिठाइयों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत संबंधित खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध अत्यंत सख्त रुख अपनाया जाएगा। प्रशासन ने सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं से आग्रह किया है कि वे पैकेजिंग, लेबलिंग और भंडारण संबंधी नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। विशेष रूप से दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नागरिकों से भी की गई अपील
आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे मिठाई खरीदते समय उत्पाद की ताजगी और एक्सपायरी तिथि की जांच अवश्य करें, ताकि वे किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य जोखिम से बच सकें। विभाग ने यह आश्वासन दिया है कि सुरक्षित खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण और प्रवर्तन की गतिविधियां निरंतर जारी रहेंगी।
