स्वामी विवेकानंद के विचारों से भारत को समझें: अजय खेमरिया का आह्वान
ग्वालियर में एनएसएस शिविर में आयुक्त अजय खेमरिया ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के विचारों के अध्ययन, संस्कारों की रक्षा और पंच परिवर्तन अपनाने का...

Gwalior | संवाददाता: संजय पांडेय
द क्लिफ न्यूज़ | ग्वालियर | 1 अक्टूबर 2026
ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के चार दिवसीय नेतृत्व एवं प्रशिक्षण शिविर का समापन स्वयंसेवकों के लिए ज्ञानवर्धक सत्रों के साथ हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में संस्कारों की प्रासंगिकता और साइबर सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।
शिविर के मुख्य अतिथि, आयुक्त अजय खेमरिया ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की वास्तविक चेतना और उसकी गहरी समझ के लिए स्वामी विवेकानंद के विचारों का अध्ययन करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नरेंद्र कोहली की पुस्तकों का उदाहरण देते हुए कहा कि आज के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में संस्कारों को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। खेमरिया ने स्वयंसेवकों को पंच परिवर्तन के सिद्धांतों को अपनाकर समाज सेवा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता और सतर्कता पर जोर
शिविर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजावल जग्गा ने साइबर सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण और व्यावहारिक जानकारी प्रदान की। उन्होंने स्पष्ट किया कि डर और लालच साइबर अपराधों के मुख्य कारण बनते हैं। विद्यार्थियों को व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखने, किसी भी परिस्थिति में ओटीपी साझा न करने और अपने बैंक खातों की जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति को न देने की सख्त हिदायत दी गई। जग्गा ने 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे नए प्रकार के खतरों के प्रति भी सचेत रहने की सलाह दी, ताकि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार न हों।
संस्कारों की रक्षा और लक्ष्य प्राप्ति का संकल्प
विश्वविद्यालय के प्राचार्य सुनील पाठक ने भी स्वामी विवेकानंद के संदेशों को दोहराते हुए युवाओं को उनके लक्ष्य की प्राप्ति के लिए दृढ़ संकल्पित रहने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विवेकानंद के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उस समय थे, और युवाओं को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
इस संपूर्ण प्रशिक्षण शिविर का संचालन कार्यक्रम समन्वयक डॉ. हरिशंकर सिंह कंसाना के निर्देशन में किया गया। बौद्धिक सत्रों में डॉ. नरेंद्र कुमार वर्मा ने मंच संचालन की भूमिका निभाई। इस अवसर पर डॉ. मनोज अवस्थी, डॉ. संजय कुमार पांडे, हिंदू सिंह धाकड़, प्रो. एच. एल. पटेल, प्रो. विनोद सिंह कुशवाह सहित अनेक शिक्षाविद और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में, डॉ. अर्चना सेन ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। यह प्रशिक्षण शिविर युवाओं को सामाजिक और तकनीकी दोनों ही दृष्टियों से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।
