फर्रुखाबाद में हिंदी पखवाड़ा: 17 साहित्यकारों को सम्मान, 44 कॉलेजों को पुस्तकें
फर्रुखाबाद में राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार हेतु आयोजित समारोह में 17 साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। जिले के 44 इंटर कॉलेजों को अध्ययन हेतु नई...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 22 सितंबर 2026
फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ स्थित पीएम श्री महीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में हिंदी पखवाड़े के तहत एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। सांसद विकास निधि योजना के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और साहित्य के विकास को प्रोत्साहन देना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत, सरस्वती वंदना और महादेवी वर्मा के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ।
इस विशेष समारोह में जिले के 44 इंटर कॉलेजों को अध्ययन के लिए नई पुस्तकें वितरित की गईं, जिससे छात्रों को साहित्य से जुड़ने और ज्ञानार्जन करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद मुकेश राजपूत ने हिंदी भाषा के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि आगामी वित्तीय वर्ष में ऐसे साहित्यिक कार्यक्रमों का दायरा और भी व्यापक किया जाएगा। साथ ही, यह भी आश्वासन दिया गया कि इस चरण में जिन शैक्षणिक संस्थानों को पुस्तकें प्राप्त नहीं हो पाई हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।
साहित्यिक और शैक्षिक योगदान का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान, साहित्य और उत्कृष्ट सेवा कार्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। डॉ. शिवओम अंबर, सुरेंद्र सोमवंशी, पवन बाथम, रामावतार शर्मा सहित कुल 17 साहित्यकारों को प्रशस्ति पत्र, शाल और पुस्तकें भेंट कर उनके साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान हिंदी साहित्य के प्रति उनकी निष्ठा और सेवाओं को रेखांकित करता है।
इसके अतिरिक्त, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के वीरेंद्र कुमार सिंह, देवेश सक्सेना, पूजा भदौरिया, रविंद्र प्रताप सक्सेना, आदेश गंगवार और नवनीत भारद्वाज को उनके उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्य दीपिका राजपूत सहित 16 शिक्षिकाओं को भी शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
हिंदी को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयास
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को साहित्य से प्रेरणा लेने का आग्रह किया और पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि साहित्य हमें न केवल ज्ञान देता है, बल्कि जीवन जीने की कला और बेहतर नागरिक बनने की प्रेरणा भी देता है। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शिवओम अंबर ने सांसद मुकेश राजपूत के इन प्रयासों की सराहना करते हुए इसे हिंदी भाषा के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम का संचालन युवा कवि वैभव सोमवंशी ने कुशलतापूर्वक किया। इस आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर इसे सफल बनाया। आयोजकों ने इस समारोह के सफल आयोजन में भूपेंद्र प्रताप सिंह के महत्वपूर्ण योगदान को भी रेखांकित किया। इस समारोह ने जिले में साहित्यिक चेतना के प्रसार और राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल की है, जिसके निरंतर जारी रहने की उम्मीद है।
