आरोन: धनतेरस पर गरीब बच्चे के दीपक बेचने की दुकान उजाड़ी, नगर परिषद की कार्रवाई पर उठे सवाल
आरोन में धनतेरस पर नगर परिषद के कर्मचारी ने सड़क किनारे दीपक बेच रहे गरीब बच्चे का सामान फेंका। इस अमानवीय घटना से प्रशासन की...

आरोन | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | आरोन | 6 नवंबर 2026
आरोन नगर में धनतेरस के शुभ अवसर पर एक गरीब बच्चे की रोजी-रोटी पर नगर परिषद की ओर से की गई कार्रवाई ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। एक छोटे से बच्चे, जो सड़क किनारे दीपक बेचकर अपने परिवार की आर्थिक मदद करने का प्रयास कर रहा था, के सामान को नगर परिषद के एक सफाई कर्मचारी ने उठाकर सड़क पर फेंक दिया। इस घटना के दौरान बच्चा लगातार रोता-चिल्लाता रहा, लेकिन कर्मचारी ने उसकी एक न सुनी।
त्योहार के उल्लास के माहौल में इस तरह की कार्रवाई को लेकर स्थानीय नागरिकों में तीव्र रोष है। लोगों का कहना है कि यदि सड़क पर अतिक्रमण एक समस्या थी, तो क्या उस बच्चे को समझाकर या सामान व्यवस्थित करने का मौका नहीं दिया जा सकता था। यह घटना मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) दिनेश सोनी के कार्यकाल में नगर की अव्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों को और बल देती है। शहर में सफाई व्यवस्था की कमी और मुख्य मार्गों पर जाम की समस्या पहले से ही चर्चा का विषय बनी हुई है। हाथ ठेला संचालकों के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध कराए जाने के बावजूद यातायात व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है।
कर्मचारी पर कार्रवाई, बच्चे को दिया गया मुआवजा
सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद, सीएमओ दिनेश सोनी ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोषी सफाई कर्मचारी का दो दिन का वेतन काटा और इस राशि को पीड़ित बच्चे को मुआवजा के रूप में प्रदान किया। हालांकि, स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि क्या त्योहार के दिन ऐसे अमानवीय व्यवहार के लिए केवल वेतन कटौती जैसी मामूली कार्रवाई ही पर्याप्त है? नागरिकों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि नियमों का पालन कराते समय मानवीय संवेदनाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
