गोण्डा सदर में सम्पूर्ण समाधान दिवस: 110 शिकायतें, 5 का त्वरित निस्तारण
गोण्डा सदर तहसील में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 110 शिकायतें आईं, जिनमें से 5 का मौके पर निस्तारण हुआ। शेष 105 शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान...

गोण्डा | संवाददाता: बी पी त्रिपाठी
द क्लिफ न्यूज़ | गोण्डा | 7 नवंबर 2026
जनसामान्य की समस्याओं का एक ही स्थान पर समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनपद की सभी तहसीलों में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के क्रम में गोण्डा सदर तहसील में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में फरियादियों की सुनवाई की गई। इस दौरान कुल 110 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 05 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष 105 शिकायतों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से निपटाने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को आम जन तक पहुंचाना और उनकी शिकायतों का निवारण करना है, जिससे आम नागरिकों को न्याय सुलभ हो सके।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने स्पष्ट किया कि प्राप्त शिकायतों के निस्तारण हेतु विशेष टीम गठित की जाए। स्थलीय जांच के दौरान दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी बात सुनना अनिवार्य होगा। उन्होंने अवैध अतिक्रमण, चकरोड, नाली और तालाब की पैमाइश जैसे संवेदनशील मामलों में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम को मौके पर भेजने के निर्देश दिए। निस्तारण प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद से बचा जा सके। जिलाधिकारी ने कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर
जिलाधिकारी ने सभी उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर उसकी गुणवत्ता परिलक्षित होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनसुनवाई में आने वाले फरियादियों की संतुष्टि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी शिकायतों की आख्या तय समय-सीमा के भीतर तहसील कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रत्येक शिकायत पर गंभीरता से विचार किया जाए और उसका समाधान संतोषजनक हो, एक समयबद्ध कार्यप्रणाली का पालन किया जाएगा।
अवैध अतिक्रमण और विवादों के शीघ्र समाधान हेतु निर्देश
विशेष रूप से, जिलाधिकारी ने अवैध अतिक्रमण और चकरोड जैसे भूमि संबंधी विवादों के त्वरित और प्रभावी समाधान पर ध्यान केंद्रित करने का आदेश दिया। इन मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए, उन्होंने राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों को तत्काल मौके पर भेजने का निर्देश दिया। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि इन विवादों का निपटारा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके। इन संयुक्त टीमों की कार्यवाही की नियमित समीक्षा भी की जाएगी।
इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी अनुराग प्रियदर्शी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर संतलाल, उपजिलाधिकारी सदर जीतेंद्र गौतम, जिला विकास अधिकारी आदित्य तिवारी और परियोजना निदेशक डीआरडीए सुशील कुमार पाण्डेय सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने अपने-अपने विभागों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए तत्परता दिखाई। इस दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतों का निवारण करना ही नहीं, बल्कि विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना भी है ताकि सरकारी सेवाओं में सुधार लाया जा सके।
