गुना: बाल संप्रेक्षण गृह के बच्चों की कलाकृतियों की जिला न्यायालय में प्रदर्शनी
गुना जिला न्यायालय में बाल संप्रेक्षण गृह के बच्चों द्वारा तैयार हस्तकला, दीपावली सामग्री और चित्रकला की प्रदर्शनी आयोजित की गई। इसका उद्देश्य बच्चों के...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 6 नवंबर 2026
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्र के मार्गदर्शन में गुना के जिला न्यायालय परिसर में एक विशेष बाल सृजन प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बाल संप्रेक्षण गृह में निवासरत बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारना और उन्हें समाज के सामने प्रस्तुत करना है।
प्रदर्शनी में बच्चों ने दीपावली के पर्व को ध्यान में रखते हुए अपनी हस्तकला, चित्रकला, मिट्टी के दीपक, बंधनवार और मोमबत्तियों का प्रदर्शन किया। विशेष न्यायाधीश राकेश कुमार जैन ने प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए बच्चों द्वारा निर्मित कलाकृतियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों से किशोरों के कौशल का विकास होता है और उन्हें भविष्य में स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
बच्चों के कौशल विकास और स्वरोजगार को प्रोत्साहन
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राधाकिशन मालवीय ने इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम का प्राथमिक लक्ष्य बच्चों के उज्जवल भविष्य का निर्माण करना और उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारने में मदद करना है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से बच्चों को उनकी रचनात्मक क्षमताओं का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
कानूनी अधिकार और सहायता योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम के समापन सत्र में जिला विधिक सहायता अधिकारी सर्वेश चतुर्वेदी ने बच्चों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की निःशुल्क विधिक सहायता योजना, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, तथा आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 15100 और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस जानकारी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बच्चे अपने अधिकारों के प्रति सचेत रहें और आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्राप्त कर सकें।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधियों, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्यों और न्यायालय के कर्मचारियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में बच्चों को उपहार स्वरूप मिठाई, रंगोली सामग्री और पूजन सामग्री भेंट की गई। यह आयोजन बच्चों के भीतर छिपी रचनात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित करने और उनके आत्मसम्मान तथा भविष्य की संभावनाओं को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
