नरसिंहगढ़ में साक्षरता परीक्षा: 554 प्रतिभागियों ने दिखाई जागरूकता
राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ विकासखंड में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत हुई परीक्षा में 554 लोगों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य समाज से निरक्षरता...

नरसिंहगढ़ | संवाददाता: महेंद्र शर्मा
द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 26 अक्टूबर 2026
राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ विकासखंड में 'उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम' के तहत आयोजित परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल में कुल 554 महिला और पुरुष परीक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो समाज से निरक्षरता को मिटाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। इस परीक्षा में 352 महिलाएं और 202 पुरुष उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य असाक्षर लोगों को शिक्षित कर निरक्षरता के कलंक को पूरी तरह से मिटाना और समाज के वंचित वर्गों को साक्षरता की मुख्य धारा से जोड़ना है। यह अभियान कलेक्टर डॉ. गिरीश मिश्रा के कड़े निर्देशों और जिला पंचायत राजगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी इच्छित गड़पाल के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।
परीक्षा संचालन और प्रशासनिक निरीक्षण
जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी के.एन. गुप्ता के नेतृत्व में स्थानीय प्रशासनिक अमले ने इस परीक्षा के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई। विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार गवली, समन्वयक सुरेंद्र सिंह भदौरिया और सह समन्वयक राहुल पारासर ने विभिन्न सामाजिक चेतना केंद्रों का निरीक्षण कर परीक्षा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यह सुनिश्चित किया गया कि परीक्षा प्रक्रिया सभी परीक्षार्थियों के लिए सुगम और व्यवस्थित हो।
संकुल केंद्र कन्या नरसिंहगढ़ के अंतर्गत आने वाले 24 प्राथमिक और 10 माध्यमिक विद्यालयों को परीक्षा केंद्रों के रूप में स्थापित किया गया था। साक्षरता संकुल समन्वयक ममता चंदेल ने सभी केंद्रों पर परीक्षार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने और परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निरक्षरता उन्मूलन में सामूहिक प्रयास का महत्व
विकासखंड समन्वयक सुरेंद्र सिंह भदौरिया ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश से निरक्षरता को दूर करने के लिए समाज के सभी वर्गों के सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में संकुल केंद्र के समस्त शिक्षक स्टाफ के विशेष योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। इस साक्षरता कार्यक्रम को आने वाले समय में क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को सुधारने में एक मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है।
