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गुना में जन संसद का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

गुना में जन संसद ने करोड़ों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की...

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•संवाददाता: राजा हतम वेग
गुना में जन संसद का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग

द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 26 अक्टूबर 2026

गुना में जन संसद के बैनर तले रविवार को एक बड़े विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान करोड़ों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने, वोट चोरी और बूथ कब्जे जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के तत्काल इस्तीफे की मांग की। दोपहर 1:30 बजे शास्त्री पार्क से शुरू हुई यह रैली विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए हनुमान चौराहा पहुंची, जहाँ से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित एक ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से सौंपा गया।

इस प्रदर्शन में कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, समाजवादी पार्टी, शिवसेना यूबीटी सहित कई राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। रैली का नेतृत्व बमौरी विधायक ई. ऋषि अग्रवाल, रजनीश शर्मा और लोकेश शर्मा जैसे प्रमुख व्यक्तियों ने किया। ज्ञापन में कहा गया है कि देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 13.39 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इसमें 2.80 करोड़ को मृत, 6.30 करोड़ को स्थानांतरित और 3.01 करोड़ को अनुपस्थित बताया गया है।

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठे सवाल

जन संसद का आरोप है कि पात्र मतदाताओं, विशेषकर गरीब, प्रवासी, महिलाएं और अल्पसंख्यकों को जानबूझकर मतदाता सूची से बाहर किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने इस कार्रवाई को मताधिकार छीनने की सुनियोजित साजिश बताया।

पूर्व नौकरशाहों और नागरिक समाज के सदस्यों द्वारा जारी एक जन-आरोप पत्र में भी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पत्र में फॉर्म-6 (नए मतदाता पंजीकरण का फॉर्म) में अनधिकृत बदलाव और एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने जैसे गंभीर संवैधानिक उल्लंघनों का जिक्र किया गया है। जन संसद का मानना है कि इन घटनाओं ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय चुनाव कराने की चुनाव आयोग की गरिमा और साख को धूमिल किया है। देशभर में ऐसे ही विरोध प्रदर्शनों के बीच, गुना की जनता ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराते हुए आयोग की निष्पक्षता को बहाल करने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त के तत्काल इस्तीफे पर जोर दिया है।

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