ग्वालियर किले पर एनएसएस दिवस: स्वयंसेवकों ने चलाया विशेष स्वच्छता अभियान
ग्वालियर किले में माधव महाविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवकों ने ऐतिहासिक मानसिंह पैलेस में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। उन्होंने श्रमदान कर धरोहर संरक्षण और राष्ट्रसेवा का...

Gwalior | संवाददाता: संजय पांडेय
द क्लिफ न्यूज़ | ग्वालियर | 24 सितंबर 2026
राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) दिवस के अवसर पर ग्वालियर के ऐतिहासिक ग्वालियर किले में माधव महाविद्यालय के स्वयंसेवकों ने एक विशेष स्वच्छता अभियान का आयोजन किया। इस पहल के तहत, युवाओं ने मानसिंह पैलेस परिसर में श्रमदान कर न केवल ऐतिहासिक धरोहरों की सफाई की, बल्कि समाज में राष्ट्रसेवा और नागरिक उत्तरदायित्व की भावना को भी बढ़ावा दिया।
यह अभियान युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के महत्व को समझाने के उद्देश्य से चलाया गया। स्वयंसेवकों ने किले के विभिन्न हिस्सों में सफाई कार्य किया और पर्यटकों व स्थानीय नागरिकों को धरोहरों की गरिमा बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय के पदाधिकारियों और पूर्व स्वयंसेवकों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण आयोजन में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिव कुमार शर्मा, वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय कुमार पांडे और कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सरिता दीक्षित ने स्वयं भाग लिया। इनके साथ ही, पूर्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दीपक शिंदे और पूर्व स्वयंसेवक अनिरुद्ध शर्मा, दिलीप चौहान व गरिमा झा ने भी उपस्थित होकर छात्रों का उत्साह बढ़ाया।
धरोहर संरक्षण में युवाओं की भूमिका पर जोर
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारी ऐतिहासिक धरोहरें केवल अतीत की निशानियां नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी अमूल्य सांस्कृतिक विरासत हैं, जिनके संरक्षण में स्वच्छता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अभियान के माध्यम से स्वयंसेवकों ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि धरोहरों की रक्षा केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। इस आयोजन की सफलता ने न केवल किले के परिसर को स्वच्छ बनाया, बल्कि पर्यटन स्थलों के प्रति नागरिकों की संवेदनशीलता को भी उजागर किया। अंत में, सभी स्वयंसेवकों ने ऐतिहासिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने और समाज में जिम्मेदार नागरिकता की भावना को निरंतर प्रोत्साहित करने का सामूहिक संकल्प लिया। यह आयोजन युवाओं को अपनी संस्कृति के प्रति गर्व और संरक्षण की प्रेरणा देने में सफल रहा।
