गुना में अवैध एम-सैंड परिवहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त
गुना में कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग ने अवैध एम-सैंड परिवहन कर रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया है। मामले में वैधानिक कार्रवाई...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 22 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश के गुना जिले में जिला प्रशासन ने अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ अपनी सक्रियता जारी रखते हुए मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के स्पष्ट निर्देशों के तहत खनिज विभाग की टीम ने शहर के कैंट क्षेत्र में सघन निरीक्षण अभियान चलाया, जिसमें एम-सैंड (रेत) का अवैध परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया गया। यह कार्रवाई जिले में अवैध खनन और परिवहन को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
निरीक्षण के दौरान खनिज विभाग की टीम ने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को संदिग्ध हालत में पाया। गहन जांच के बाद पता चला कि उक्त वाहन में बिना किसी वैध दस्तावेज के एम-सैंड की ढुलाई की जा रही थी। एम-सैंड, जो निर्माण कार्यों के लिए एक महत्वपूर्ण सामग्री है, के अवैध परिवहन से राजस्व हानि के साथ-साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। खनिज अधिनियम के उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, टीम ने वाहन को मौके पर ही जब्त कर लिया और सुरक्षा के मद्देनजर उसे स्थानीय कैंट थाने में खड़ा करवाया गया है।
अवैध उत्खनन पर वैधानिक कार्रवाई
इस प्रकरण में मध्य प्रदेश गौण खनिज नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। प्रभारी खनिज निरीक्षक विजय कुमार चक्रवर्ती ने बताया कि विभाग न केवल परिवहन बल्कि एम-सैंड के अवैध उत्खनन और भंडारण से जुड़े पहलुओं की भी गहराई से जांच कर रहा है। जांच का उद्देश्य उन सभी व्यक्तियों और गिरोहों का पता लगाना है जो इस अवैध कारोबार में संलिप्त हैं। इस कार्रवाई के दौरान विभाग का अमला पूरी तरह मुस्तैद दिखा, जो उनकी गंभीरता को दर्शाता है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनिज गतिविधियों के खिलाफ सख्ती भविष्य में भी जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर दंड सुनिश्चित किया जाएगा। इस कार्रवाई से अवैध खनिज माफियाओं में हड़कंप की स्थिति है, क्योंकि उन्हें अब अपनी अवैध गतिविधियों को जारी रखना मुश्किल लग रहा है। विभाग अब इस अवैध कारोबार के मुख्य स्रोतों का पता लगाने का प्रयास कर रहा है ताकि तस्करी की जड़ों पर प्रहार किया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। यह निरंतर निगरानी और त्वरित कार्रवाई की रणनीति अवैध खनिज व्यापार पर अंकुश लगाने में सहायक सिद्ध हो रही है।
