भिंड में खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान: एक्सपायरी सामग्री नष्ट, गुणवत्ता की जांच
भिंड में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान चलाते हुए दुकानों पर छापेमारी की। एक्सपायरी सामग्री को मौके पर नष्ट किया गया और...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 22 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश के भिंड में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक व्यापक अभियान शुरू किया है। कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा के निर्देशानुसार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती किरण सेंगर के नेतृत्व में विभाग की टीम ने अटेर रोड और रेलवे स्टेशन के आसपास के विभिन्न प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और एक्सपायर्ड या अमानक उत्पादों को बाजार से हटाना है।
निरीक्षण के दौरान, खाद्य सुरक्षा टीम ने चलित खाद्य प्रयोगशाला का प्रभावी ढंग से उपयोग किया। दाल, जीरा, सौंफ, विभिन्न प्रकार के मसाले, चाय पत्ती और बिस्कुट जैसे आवश्यक खाद्य पदार्थों के नमूनों की गुणवत्ता की गहन जांच की गई। इस प्रक्रिया में शिवम किराना स्टोर से 86 पैकेट नमकीन, स्नैक्स और मीठी सुपारी की एक्सपायरी डेट पार कर चुकी सामग्री पाई गई। त्वरित कार्रवाई करते हुए, टीम ने इन अमानक उत्पादों को तुरंत वहीं नष्ट कर दिया, ताकि वे उपभोक्ताओं तक न पहुंच सकें।
मिठाई की दुकानों पर गुणवत्ता परख
अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मिठाई की दुकानों पर केंद्रित रहा। कल्लू हलवाई और पप्पू हलवाई की दुकानों पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मावा बर्फी, लड्डू, मिल्क केक और सोनपापड़ी जैसे मिठाइयों के नमूनों की जांच की। लैब केमिस्ट कु. आरती शिवहरे ने इन नमूनों का विश्लेषण किया। दुकान के संचालकों को खाद्य सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिल सकें।
आंगनबाड़ी और विद्यालयों में पोषण आहार की जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग ने 22 सितंबर 2026 को पूरक पोषण कार्यक्रम के तहत संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में भी अपनी जांच का दायरा बढ़ाया। श्रीमती सेंगर ने कुशवाह कॉलोनी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का दौरा कर बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, पीएम श्री शासकीय माध्यमिक विद्यालय एसएएफ बटालियन में मिड डे मील का भी निरीक्षण किया गया। श्रीकृष्णा स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार किए गए भोजन में प्रयुक्त हल्दी, मिर्च, नमक और सरसों तेल के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे गए हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट का इंतजार है। इस दौरान, छात्रों को खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान करने के सरल और प्रभावी तरीके भी सिखाए गए, जिससे वे जागरूक उपभोक्ता बन सकें।
