यूपी: पेट परीक्षा में शामिल छात्रों के लिए फर्रुखाबाद में दिखी मदद की मिसाल
फर्रुखाबाद में पेट परीक्षा देने आए करीब 800 से अधिक बाहरी परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए विकास मंच ने विशंभर दयाल धर्मशाला में भोजन...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 1 नवंबर 2026
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (पेट) के दौरान, फर्रुखाबाद जिले में बाहर से आए हजारों छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए एक गैर-सरकारी संगठन, विकास मंच, ने अनूठी पहल की है। 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को आयोजित परीक्षा के लिए फर्रुखाबाद में बनाए गए विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आने वाले परीक्षार्थियों के लिए विशंभर दयाल धर्मशाला में ठहरने और भोजन की पूर्णतः निःशुल्क व्यवस्था की गई।
इस सेवा कार्य का नेतृत्व विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने किया। उनकी टीम ने रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर सूचना बोर्ड लगाकर बाहरी जिलों से आए छात्रों को धर्मशाला तक पहुंचने में सहायता प्रदान की। आजमगढ़, सीतापुर, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, कानपुर और शाहजहांपुर जैसे विभिन्न जनपदों से लगभग आठ सौ से अधिक परीक्षार्थी और उनके साथ आए अभिभावक इस व्यवस्था से लाभान्वित हुए। उन्हें रहने, खाने और चाय-नाश्ते की सुविधा बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई गई।
सेवा का ग्यारहवां आयोजन, छात्रों को मिली घर जैसी सुविधा
विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने बताया कि यह ग्यारहवीं बार है जब उनकी संस्था ने छात्रों के लिए ऐसी सुविधा का आयोजन किया है। उन्होंने कहा कि पहले छात्र परीक्षा देने आने पर अक्सर सड़कों, फुटपाथों या रेलवे स्टेशनों पर रात गुजारने को मजबूर होते थे, जिसे देखते हुए इस नेक काम की शुरुआत की गई। इस पहल से परीक्षार्थियों को न केवल रहने की चिंता से मुक्ति मिली, बल्कि उन्हें अपने गृह जनपद जैसा माहौल भी महसूस हुआ।
परीक्षा देकर अपने गृह जनपदों को लौट रहे छात्रों ने फर्रुखाबाद में मिले इस मानवीय सहयोग और व्यवस्था के लिए आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि वे इस आत्मीयता और अच्छी व्यवस्था को हमेशा याद रखेंगे। इस सेवा कार्य में अंगद पांडे, प्रिंस शुक्ला, श्यामेंद्र दुबे, ओमनिवास पाठक, निशित दुबे, आयुष सक्सेना और राजीव वर्मा सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने पूरे मनोयोग से योगदान दिया। इस मानवीय प्रयास ने जहां बाहरी छात्रों की परेशानी कम की, वहीं जनपद की सकारात्मक छवि को भी बढ़ावा दिया।
