ट्रेनों पर पत्थरबाजी रोकने को जीआरपी का जागरूकता अभियान, ग्रामीणों को दी चेतावनी
फर्रुखाबाद में जीआरपी ने ग्रामीणों के साथ गोष्ठी आयोजित कर ट्रेनों पर पत्थरबाजी रोकने के लिए जागरूक किया। दोषी पाए जाने पर 10 वर्ष तक...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 3 नवंबर 2026
रेलवे ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जीआरपी फर्रुखाबाद ने एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया है। पुलिस महानिरीक्षक, रेलवे जोन प्रयागराज के निर्देशों के क्रम में, मंगलवार को थाना जीआरपी प्रभारी निरीक्षक दिनेश प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में एक टीम ने रेलवे लाइन से सटे गांवों का दौरा किया। इस दौरान आयोजित गोष्ठी में लगभग 40 से 50 ग्रामीणों ने भाग लिया।
प्रभारी निरीक्षक दिनेश प्रकाश शर्मा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकना न केवल यात्रियों के जीवन के लिए एक बड़ा खतरा है, बल्कि इससे सरकारी संपत्ति को भी भारी नुकसान होता है। उन्होंने रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं, जैसे धारा 152, 153, 154 और 175 के तहत होने वाली सख्त कानूनी कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ट्रेन पर पत्थरबाजी एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को 10 साल तक की कैद और जुर्माने की सजा का प्रावधान है।
बच्चों को ट्रैक से दूर रखने की अपील
जीआरपी ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को रेलवे ट्रैक और उसके आसपास खेलने या अनावश्यक रूप से घूमने से सख्ती से रोकें। यह सुनिश्चित करने के लिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, ग्रामीणों से क्षेत्र में पत्थरबाजी से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत जीआरपी को सूचित करने का आह्वान किया गया है।
सुरक्षित रेल यात्रा का लक्ष्य
इस जनसंपर्क अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को रेल यात्रा को सुरक्षित बनाने के महत्व के बारे में जागरूक करना है, जिससे इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। जीआरपी ने भविष्य में भी रेलवे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों को लगातार जारी रखने की योजना बनाई है।
