स्वामित्व रजिस्ट्री में सुस्ती: भिंड के पांच राजस्व अधिकारियों को नोटिस
भिंड के कलेक्टर ने स्वामित्व रजिस्ट्री योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही पर पांच राजस्व अधिकारियों को नोटिस जारी कर तीन दिनों में जवाब मांगा है।

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 3 नवंबर 2026
भिंड जिला प्रशासन ने स्वामित्व रजिस्ट्री योजना के क्रियान्वयन में घोर लापरवाही बरतने वाले पांच राजस्व अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। जिलाधिकारी पवन कुमार जैन ने इस धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों से तीन दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब मांगा है। निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में विफलता को शासकीय कार्य के प्रति उदासीनता और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना माना गया है।
नोटिस प्राप्त करने वाले अधिकारियों में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लहार प्रदीप मिश्रा, तहसीलदार भिंड मोहनलाल शर्मा, तहसीलदार मिहोना हरिओम पचौरी, नायब तहसीलदार वृत्त पीपरी देवेंद्र तोमर और नायब तहसीलदार वृत्त ऊमरी रूपम गुप्ता शामिल हैं। इन अधिकारियों पर मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत कदाचार का आरोप लगाया गया है।
निर्धारित लक्ष्यों से काफी पीछे प्रगति
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, लहार अनुभाग में स्वामित्व रजिस्ट्री के लिए 34530 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन अब तक केवल 16.31 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। इसी प्रकार, भिंड तहसील के अंतर्गत पीपरी और ऊमरी वृत्त में 23028 के लक्ष्य के मुकाबले मात्र 12.66 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। मिहोना तहसील का प्रदर्शन भी चिंताजनक है, जहाँ 7927 के लक्ष्य के सापेक्ष केवल 13.62 प्रतिशत रजिस्ट्रियां ही पूरी हो सकी हैं। जिला स्तर पर इस योजना की निम्न श्रेणी की प्रगति से राज्य स्तर पर जिले की छवि धूमिल हो रही है।
तत्काल जवाब न देने पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला प्रशासन ने इसे शासकीय कार्य में गंभीर लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की जानबूझकर की गई अवहेलना मानते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे नोटिस प्राप्ति के तीन दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। यदि इस अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। इस मामले में आयुक्त को कठोर दंड हेतु प्रस्ताव भी भेजा जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी प्रक्रिया के लिए संबंधित अधिकारी स्वयं उत्तरदायी होंगे।
