बरेली: वारंटियों पर पुलिस की कार्रवाई, 341 वारंटों का निष्पादन
बरेली पुलिस ने 25 से 31 अक्टूबर 2026 तक चले विशेष अभियान में 341 गैर जमानती वारंटों का निष्पादन किया, जिसमें 167 वारंटियों को गिरफ्तार...

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 3 नवंबर 2026
बरेली जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और न्यायालय के आदेशों के प्रभावी अनुपालन हेतु चलाए गए एक विशेष अभियान में पुलिस ने 341 गैर जमानती वारंटों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य के निर्देशन में 25 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस सात दिवसीय अभियान के दौरान, पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ अपनी सघन कार्रवाई को और तेज किया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य न्यायालय द्वारा जारी किए गए उन गैर जमानती वारंटों की तामील कराना था, जिन पर अब तक कार्रवाई लंबित थी। पुलिस की अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप, इस अवधि में कुल 167 वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त, 88 वारंटियों ने स्वयं न्यायालय में उपस्थित होकर अपने वारंट रिकॉल (रद्द) करवाए। इस प्रक्रिया में यह भी स्पष्ट हुआ कि 90 वारंटी पहले से ही मृत थे, जबकि 26 वारंटी पहले से ही विभिन्न कारागारों में निरुद्ध पाए गए।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले थाने सम्मानित
एसएसपी अनुराग आर्य ने इस विशेष अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नौ थाना प्रभारियों को उनके सराहनीय कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इन थाना प्रभारियों में प्रेमनगर, सुभाषनगर, देवरनियां, शीशगढ़, शेरगढ़, नवाबगंज, फतेहगंज पश्चिमी, आंवला और भमोरा थानों के अधिकारी शामिल हैं। यह सम्मान उनके उत्साहवर्धन और भविष्य में इसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रेरित करेगा।
लापरवाही पर नौ प्रभारियों को चेतावनी
वहीं, दूसरी ओर, अपेक्षित कार्रवाई न करने वाले नौ थाना प्रभारियों के खिलाफ एसएसपी ने सख्त रुख अपनाया है। कोतवाली, कैंट, इज्जतनगर, महिला थाना, हाफिजगंज, भोजीपुरा, अलीगंज, विशारतगंज और सिरौली के थाना प्रभारियों को चेतावनी जारी की गई है। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि न्यायालय से जारी गिरफ्तारी वारंटों की तामील कराना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कमजोर प्रदर्शन करने वाले थाना प्रभारियों को सुधार का अवसर देते हुए, उन्हें अगले एक सप्ताह के भीतर लंबित वारंटों के निस्तारण के लिए एक और विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग का यह कदम न्यायालय के आदेशों के प्रति प्रतिबद्धता और जन सुरक्षा के प्रति उसकी गंभीरता को दर्शाता है।
