स्मार्ट मीटर के विरोध में आरोन में तेज हुआ जन-आंदोलन, बनी रणनीति
आरोन में जबरन लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों के खिलाफ नागरिकों ने बैठक कर आगामी जन-आंदोलन की रणनीति बनाई। उन्होंने बिलों में बढ़ोतरी की आशंका...

आरोन | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | आरोन | 3 नवंबर 2026
आरोन नगर में जबरन लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों के खिलाफ नागरिकों का जन-आंदोलन तेज हो गया है। रविवार शाम माधव स्कूल में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया और आगामी विरोध प्रदर्शनों की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की। नागरिकों ने आशंका जताई है कि इन स्मार्ट मीटरों के कारण बिजली बिलों में अनावश्यक रूप से बढ़ोतरी होगी, जो उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालेगी। यह चिंताएं बिजली उपभोक्ताओं के बीच एक व्यापक असंतोष का कारण बन रही हैं, जिसने स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है।
बैठक में मनीष श्रीवास्तव ने उपस्थित लोगों को स्मार्ट मीटरों की तकनीकी और आर्थिक खामियों से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए मीटर उपभोक्ताओं के लिए महंगे साबित हो सकते हैं और इनसे बिजली बिलों में वृद्धि की संभावना है। उन्होंने मीटरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये वर्तमान मीटरों की तुलना में अधिक खर्चीले साबित होंगे, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। इस दौरान, समाजसेवी बंटी राजपूत ने आंदोलन को और गति देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सभी नागरिकों से व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने का आह्वान किया, जिसमें घर-घर जाकर पर्चे बांटे जाएंगे ताकि आम जनता को उनके अधिकारों के प्रति शिक्षित और सतर्क किया जा सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सूचना का प्रसार इस आंदोलन की सफलता की कुंजी है।
स्मार्ट मीटरों से बिलों में अनावश्यक बढ़ोतरी की आशंका
नागरिकों ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की है कि स्मार्ट मीटरों के लगने से बिजली की खपत का वास्तविक आकलन न होकर, मीटर की अपनी लागत और अन्य संबंधित शुल्कों को जोड़कर बिलों को बढ़ाया जा सकता है। यह आशंका कई जगहों पर पहले से ही देखी गई है, जहाँ स्मार्ट मीटर लगाने के बाद उपभोक्ताओं को अप्रत्याशित रूप से उच्च बिल प्राप्त हुए हैं। इस मुद्दे को लेकर लोगों में रोष है और वे किसी भी कीमत पर इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट मीटर तकनीक की अपनी लागत होती है, और यदि इसे उपभोक्ताओं पर थोपा जाता है, तो यह निश्चित रूप से उनके मासिक बजट को प्रभावित करेगा।
जागरूकता अभियान की नई रणनीति
विचार-विमर्श के उपरांत, बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अब प्रतिदिन शाम को एक घंटे के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान नगर के सभी वार्डों, मोहल्लों और कॉलोनियों में संचालित होगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इस मुद्दे की जानकारी पहुंच सके। इस अभियान के तहत, नागरिकों को स्मार्ट मीटरों के नुकसान, उनके अधिकारों और विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के तरीकों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य लोगों को एकजुट करना और उन्हें इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह सामूहिक प्रयास स्थानीय प्रशासन को नागरिकों की चिंताओं को गंभीरता से लेने के लिए मजबूर करेगा।
विरोध प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प
इस महत्वपूर्ण बैठक में सोनू ग्वाल, चंद्रेश अहिरवार, गिर्राज सोनी और शिवम साहू सहित अनेक स्थानीय निवासियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। समस्त जागरूक नागरिकों की ओर से जारी इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन द्वारा जबरन थोपे जा रहे स्मार्ट मीटरों का विरोध करना और आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। नागरिकों ने संकल्प लिया है कि जब तक उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक यह विरोध प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा। इस दृढ़ संकल्प के साथ, वे एक जन-आंदोलन के रूप में अपनी आवाज को और बुलंद करने के लिए तैयार हैं, ताकि उनकी चिंताओं का समाधान हो सके और उन्हें अनुचित वित्तीय बोझ से बचाया जा सके।
