फर्रुखाबाद: क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत हेतु कार्ययोजना बनाने के निर्देश
फर्रुखाबाद के जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बाढ़ और बरसात से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाकर शासन को सौंपने के निर्देश...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 21 सितंबर 2026
फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बाढ़ और बरसात के मौसम में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत तथा उन्हें गड्ढामुक्त करने के संबंध में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत, मंडी परिषद, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित विभिन्न प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में आने वाली सड़कों का तत्काल स्थलीय निरीक्षण करें। निरीक्षण के उपरांत, सड़कों पर हुई क्षति का सटीकता से आकलन करते हुए प्रभावित सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया जाए। इस आकलन के आधार पर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर शासन को प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
क्षतिग्रस्त सड़कों का प्राथमिकता पर चिन्हांकन और आकलन
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जैसे ही शासन की ओर से मरम्मत कार्य के लिए बजट आवंटित किया जाएगा, तत्परता से सड़कों की मरम्मत का कार्य प्रारंभ किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने पर विशेष बल दिया और अधिकारियों को इस संबंध में नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी। जनहित में आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गुणवत्तापूर्ण मरम्मत एवं जनहित में प्राथमिकता
संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे आपसी समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी ढंग से कार्य करें, ताकि प्रस्तावों को शीघ्र मंजूरी मिल सके और मरम्मत कार्य समय पर पूरा हो सके। बरसात के बाद सड़कों की जर्जर स्थिति को देखते हुए, यह कदम आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्धारित समयावधि के भीतर सभी मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि नागरिकों को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस पूरी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।
