बिजली कटौती से परेशान ग्रामीण, विभाग ने समाधान का दिया आश्वासन
आरोन क्षेत्र के कई गांवों में अघोषित बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्या से नाराज ग्रामीणों ने विद्युत विभाग कार्यालय में दो घंटे तक...

आरोन | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | आरोन | 5 नवंबर 2026
आरोन क्षेत्र के ग्राम बनवीरखेड़ी और आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों ने बिजली की बदहाल व्यवस्था के विरोध में सोमवार को विद्युत विभाग कार्यालय पर दो घंटे तक जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें प्रतिदिन केवल चार घंटे ही बिजली मिल पा रही है, जबकि विभाग ने दस घंटे आपूर्ति का आश्वासन दिया था। इस स्थिति से किसानों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
बिजली के तार टूटने, कम वोल्टेज और अघोषित कटौती की समस्या ने लोगों को त्रस्त कर दिया है। इन समस्याओं ने क्षेत्र के विकास कार्यों को भी प्रभावित किया है। बनवीरखेड़ी के अलावा सगाबरखेड़ा, बूढ़ाडोगर, अरसखेड़ा, रामगीर खुर्द और बारोद जैसे गांवों से भी लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। इन गांवों के निवासी वर्षों से बिजली की अविश्वसनीय आपूर्ति से जूझ रहे हैं। बार-बार स्थानीय प्रशासन और विद्युत विभाग से गुहार लगाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान न होने से ग्रामीणों में भारी असंतोष है और उनका धैर्य जवाब दे रहा है।
अघोषित बिजली कटौती और कम वोल्टेज से जूझ रहे हैं क्षेत्र के कई गांव
आरोन क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से अघोषित बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्या से परेशान हैं। बनवीरखेड़ी गांव के निवासियों ने बताया कि उन्हें प्रतिदिन केवल चार घंटे ही बिजली मिल पा रही है, जबकि विद्युत विभाग द्वारा प्रतिदिन 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का लिखित आश्वासन दिया गया था। यह अघोषित कटौती विशेष रूप से किसानों के लिए विनाशकारी साबित हो रही है, जिनके सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कम वोल्टेज के कारण घरेलू उपकरण भी खराब हो रहे हैं, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। यह स्थिति केवल बनवीरखेड़ी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सगाबरखेड़ा, बूढ़ाडोगर, अरसखेड़ा, रामगीर खुर्द और बारोद सहित आसपास के कई गांवों में भी यही हाल है। ग्रामीण बार-बार विभाग से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल रहा है, जिससे लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
कार्यालय में जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति से बढ़ा आक्रोश
जब ग्रामीणों का समूह अपनी समस्याओं को लेकर विद्युत विभाग के आरोन स्थित कार्यालय पहुंचा, तो उन्हें और अधिक निराशा और आक्रोश का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों में आक्रोश तब और बढ़ गया जब उन्होंने विद्युत विभाग कार्यालय में किसी भी जिम्मेदार अधिकारी को उपस्थित नहीं पाया। उनकी समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के लिए कोई भी अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था। यह स्थिति ग्रामीणों को यह सोचने पर मजबूर कर रही थी कि क्या विभाग उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है। अधिकारियों की अनुपस्थिति ने यह संदेश दिया कि विभाग उनकी चिंताओं के प्रति उदासीन है, जिससे मामला और तूल पकड़ गया और ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
फोन पर हुई चर्चा, जल्द समाधान का आश्वासन
अंततः, ग्रामीणों के बढ़ते रोष को देखते हुए, एक किसान की मध्यस्थता से विभाग के एक जिम्मेदार अधिकारी से फोन पर चर्चा हुई। इस दौरान, ग्रामीणों ने अपनी सभी समस्याओं और परेशानियों को अधिकारी के समक्ष विस्तार से रखा। अधिकारी ने उनकी बात सुनी और आश्वासन दिया कि बिजली संबंधी सभी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
आंदोलन की चेतावनी
हालांकि, ग्रामीणों ने अधिकारी के आश्वासन को स्वीकार किया है, लेकिन उनके मन में अभी भी संदेह है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि व्यवस्था में शीघ्र और स्थायी सुधार नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उनकी मांग है कि विभाग केवल आश्वासन न दे, बल्कि जमीनी स्तर पर बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार करे और अघोषित कटौती पर रोक लगाए। ग्रामीणों ने विभाग से स्थायी समाधान की मांग की है ताकि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी, विशेष रूप से कृषि कार्य, सुचारू रूप से चल सके और वे बिजली की अनिश्चितता से मुक्त हो सकें।
