पवारखेड़ा कृषि महाविद्यालय के छात्रों ने सीखी धान बीज उत्पादन की उन्नत तकनीकें
नर्मदापुरम के पवारखेड़ा कृषि महाविद्यालय के छात्रों ने ज़ोनल कृषि अनुसंधान केंद्र में धान बीज उत्पादन की उन्नत तकनीकें, रोगिंग और बीज प्रबंधन का व्यावहारिक...

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: मुकेश भदौरिया
द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 21 सितंबर 2026
नर्मदापुरम जिले के कृषि महाविद्यालय पवारखेड़ा के स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के लिए ज़ोनल कृषि अनुसंधान केंद्र, पवारखेड़ा के प्रक्षेत्र परिसर में एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य छात्रों को प्रजनक बीज उत्पादन की जटिल प्रक्रियाओं और धान की फसल की नवीनतम उन्नत तकनीकों से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना था।
कार्यक्रम के दौरान, केंद्र के वैज्ञानिकों और वरिष्ठ अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बीज उत्पादन के विभिन्न चरणों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रक्षेत्र प्रभारी एवं कृषि वैज्ञानिक डॉ. विनोद कुमार ने छात्रों को केंद्र के परिसर का भ्रमण कराया और उन्हें आधुनिक बीज भंडारण प्रणालियों, बीजों के उचित रख-रखाव तथा कृषि यंत्रों के कुशल संचालन व उपयोग के बारे में समझाया। उन्होंने बीजों की आवक-जावक की प्रविष्टि, बुवाई और थ्रेशिंग से जुड़ी तकनीकी प्रक्रियाओं को प्रायोगिक तौर पर समझाकर मार्गदर्शन किया।
धान में रोगिंग और बीज प्रबंधन का प्रशिक्षण
प्लांट ब्रीडिंग विभाग की स्टेशन ब्रीडर डॉ. मोनिका सिंह ने प्रजनक बीज उत्पादन कार्यक्रम के तहत धान की रोपाई की सही विधि पर प्रकाश डाला। उन्होंने 'रोगिंग' यानी अवांछित एवं रोगग्रस्त पौधों को खेत से बाहर निकालने की प्रक्रिया के महत्व और उसे सही तरीके से निष्पादित करने के कौशल को विस्तार से समझाया।
इस व्यावहारिक प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के अतिरिक्त मैदानी स्तर पर कृषि की जटिल प्रक्रियाओं को समझने का एक बेहतरीन अवसर मिला। कार्यक्रम के अंतिम चरण में विद्यार्थियों ने कृषि वैज्ञानिकों से अपने विषयगत सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने संतोषजनक समाधान किया। इस प्रकार के आयोजन कृषि शिक्षा में व्यावहारिक अनुभव को बढ़ावा देते हैं, जिससे छात्र भविष्य में कुशल कृषि विशेषज्ञ बनने की दिशा में अग्रसर हो सकें। महाविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के कौशल विकास पर विशेष जोर दिया है।
