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नरसिंहगढ़ स्कूल में गीता स्वाध्याय, छात्रों को सिखाया कर्म का महत्व

नरसिंहगढ़ के विंध्याचल माध्यमिक विद्यालय में गीता स्वाध्याय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ छात्रों को कर्म योग और जीवन के सार के बारे में बताया...

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•संवाददाता: महेंद्र शर्मा
नरसिंहगढ़ स्कूल में गीता स्वाध्याय, छात्रों को सिखाया कर्म का महत्व

नरसिंहगढ़ | संवाददाता: महेंद्र शर्मा

द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 4 नवंबर 2026

नरसिंहगढ़ स्थित विंध्याचल माध्यमिक विद्यालय में अखिल भारतीय साहित्य परिषद्, जन-जागरण मंच और गीता स्वाध्याय मंडल के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष गीता स्वाध्याय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक सत्र का उद्देश्य छात्रों को जीवन के महत्वपूर्ण सिद्धांतों और कर्म योग के महत्व से अवगत कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती और भगवान श्री कृष्ण के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं पायल अहिरवार और संजना लववंशी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जबकि हंसराज उमठ और सतीश लववंशी ने मध्य प्रदेश गान का गायन किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य रामस्वरूप लववंशी ने अतिथियों का तिलक लगाकर स्वागत किया।

भगवद् गीता के सिद्धांतों पर विशेष सत्र

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वेदाचार्य ठाकुर गोविंद सिंह मकवाना ने छात्रों को सांख्य योग और कर्म की प्रधानता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भगवद् गीता न केवल ज्ञान का स्रोत है, बल्कि यह अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध लड़ने की शक्ति भी प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि गीता के सिद्धांत व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित करते हैं।

विशिष्ट अतिथि पदमसिंह तोमर ने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को रेखांकित किया, जो भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ समाजसेवी मदनलाल मंडवाल ने छात्रों को कर्तव्यनिष्ठ रहने का मंत्र दिया और उनके भविष्य के निर्माण में इसके महत्व को समझाया। प्रेरणा साहित्यिक संस्था के अध्यक्ष मोहन सिंह परमार और बी एल गुर्जर ने भी गीता के सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।

अनिवार्य गीता पाठ का संकल्प

कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए हरिसिंह परिहार 'पतंग' ने लक्ष्य प्राप्ति के लिए सदाचार और सद्व्यवहार को अनिवार्य बताया। इस आयोजन से प्रेरित होकर, विद्यालय के प्रधानाचार्य रामस्वरूप लववंशी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने संकल्प लिया कि अब से प्रत्येक शनिवार को विद्यालय में गीता पाठ की कक्षा अनिवार्य रूप से संचालित की जाएगी। इस निर्णय से छात्रों को नियमित रूप से गीता के उपदेशों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

इस सत्र में शिक्षिका दुर्गा लववंशी, कविता यादव, सलोनी लववंशी, अशोक गोस्वामी, दीपिका कुशवाहा, महिमा शर्मा और तन्नू लववंशी ने भी अपने बहुमूल्य विचार साझा किए। गीता स्वाध्याय मंडल की ओर से प्रधानाचार्य को भागवत गीता भेंट की गई। सुबह साढ़े ग्यारह बजे से दोपहर दो बजे तक चले इस आध्यात्मिक आयोजन में छात्रों ने अत्यंत उत्साह और रुचि के साथ भाग लिया। अंत में, प्रधानाचार्य रामस्वरूप लववंशी ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

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