महोबा में वाल्मीकि जयंती पर भक्ति गीतों से गूंजा माहौल, जीर्णोद्धार की उठी मांग
महोबा में महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में सात स्थानों पर रामायण पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। चरखारी में समाज ने मंदिर जीर्णोद्धार की...

MAHOBA | संवाददाता: अभिनय सिंह चंदेल
द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 27 अक्टूबर 2026
महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर महोबा जिले में भक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। जिला पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के तत्वावधान में जिले के सात प्रमुख धार्मिक स्थलों पर रामायण पाठ, भजन-कीर्तन और प्रवचनों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों और शिक्षाओं को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
महोबा मुख्यालय के शेखनपुरा, बड़े हनुमान मंदिर, चरखारी, खरेला, श्रीनगर, कुलपहाड़ और पनवाड़ी स्थित मंदिरों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य महर्षि वाल्मीकि के जीवन दर्शन और उनकी शिक्षाओं को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना था, ताकि लोग उनके दिखाए मार्ग पर चल सकें।
चरखारी में वाल्मीकि समाज ने उठाई मंदिर जीर्णोद्धार की आवाज
चरखारी के हाथीखाना स्थित मड़वासन वाल्मीकि मंदिर में आयोजित कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। यहाँ लोकगायक उमाकांत द्विवेदी और ध्वनि द्विवेदी ने अपने मनमोहक भजनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। “मंगल भवन अमंगल हारी” जैसे भजनों की प्रस्तुति ने वातावरण को पूरी तरह से राममय बना दिया। कार्यक्रम के समापन पर भव्य आरती का आयोजन किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि रामपाल कुशवाहा सहित आधा सैकड़ा से अधिक स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
इस दौरान, चरखारी के वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने मंदिर और उससे सटी धर्मशाला की जर्जर स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। समाज के नेताओं ने बताया कि उन्होंने लगभग एक वर्ष पूर्व नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को मरम्मत कार्य के लिए एक प्रार्थना पत्र सौंपा था। हालांकि, बजट की अनुपलब्धता के कारण यह कार्य अभी तक लंबित है। समाज के लोगों ने शासन-प्रशासन से मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए अविलंब बजट स्वीकृत करने की पुरजोर मांग की है। वहीं, सरकार द्वारा वाल्मीकि जयंती पर ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन की पहल की उन्होंने सराहना भी की।
समस्त कार्यक्रमों के सुचारू संचालन में नगर पालिका के प्रवीण पटेरिया और संजीत श्रीवास्तव ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन अमित कुमार वाल्मीकि और आदित्य वाल्मीकि ने संयुक्त रूप से किया, जिससे आयोजन को नई दिशा मिली।
