महोबा में सड़क मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति, दुर्घटनाओं का खतरा
महोबा के अजनर-बेलाताल और अजनर-मगरौल मार्गों पर सड़क मरम्मत कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। अधिकांश गड्ढे अधूरे छोड़े जाने से राहगीर और वाहन...

MAHOBA | संवाददाता: अभिनय सिंह चंदेल
द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 28 अक्टूबर 2026
महोबा में सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के सरकारी निर्देशों का पालन गंभीरता से नहीं किया जा रहा है। अजनर-बेलाताल और अजनर-मगरौल मार्गों पर जारी सड़क मरम्मत कार्य में भारी लापरवाही देखी जा रही है, जिससे स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि कार्य के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है और अधिकांश गड्ढों को अधूरा छोड़ दिया गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, अजनर-बेलाताल मार्ग पर नन्ही मगरौल के पास और अजनर-मगरौल मार्ग पर डिग्री कॉलेज के निकट चल रहे मरम्मत कार्यों में गंभीर खामियां हैं। कुल गड्ढों में से मात्र 20 से 30 प्रतिशत ही भरे गए हैं, जबकि शेष बड़े गड्ढे जस के तस बने हुए हैं। यह स्थिति शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लक्ष्य को धूमिल करती नजर आ रही है।
मरम्मत की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल
जिस गति और तरीके से यह मरम्मत कार्य किया जा रहा है, उससे यह स्पष्ट है कि निर्धारित समय में सड़कों की स्थिति में सुधार की उम्मीद क्षीण हो गई है। गड्ढों के कारण आवागमन में न केवल परेशानी हो रही है, बल्कि दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह एक बड़े हादसे का कारण भी बन सकता है। सड़कों पर बने ये गहरे गड्ढे जनता को लगातार खतरे में डाल रहे हैं, जबकि प्रशासनिक अमला इस ओर से आंखें मूंदे हुए है।
जनता की मांग: निष्पक्ष जांच और प्रभावी कार्रवाई
क्षेत्रीय निवासियों ने सड़क मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित विभाग द्वारा निगरानी का अभाव और ठेकेदारों की मनमानी के चलते जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का यह भी आग्रह है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और यह सुनिश्चित करें कि सभी गड्ढों को सही ढंग से भरकर सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके। यदि इसी तरह औपचारिकताएं चलती रहीं, तो सड़कों की दशा में कोई भी अपेक्षित सुधार संभव नहीं होगा और नागरिकों की मुसीबतें कम होने के बजाय बढ़ती ही रहेंगी।
