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महोबा में 242 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच, मौसमी बीमारियों से बचाव पर जोर

महोबा के जैतपुर ब्लॉक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 242 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई। चिकित्सकों ने बदलते मौसम में बीमारियों...

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•संवाददाता: अभिनय सिंह चंदेल
महोबा में 242 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच, मौसमी बीमारियों से बचाव पर जोर

MAHOBA | संवाददाता: अभिनय सिंह चंदेल

द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 28 अक्टूबर 2026

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत महोबा के जैतपुर विकासखंड के ग्राम भगारी में आयोजित दो दिवसीय स्वास्थ्य परीक्षण शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। मंगलवार और बुधवार को आयोजित इस विशेष शिविर में कंपोजिट विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र के कुल 242 बच्चों के स्वास्थ्य की गहन जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यालय में 169 और आंगनबाड़ी केंद्र में 73 बच्चों का चिकित्सकीय परीक्षण किया।

बदलते मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता

शिविर के दौरान चिकित्सकों ने बच्चों को बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों के लक्षणों के प्रति जागरूक किया। विशेष रूप से सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य टीम ने बच्चों को स्वच्छता अपनाने और पौष्टिक आहार का सेवन करने की सलाह दी। चिकित्सकों का मानना है कि बदलते मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने सर्दी के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना अत्यंत आवश्यक है। इस मौसम में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अक्सर कम हो जाती है, जिससे वे संक्रमणों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। इसलिए, अभिभावकों को अपने बच्चों के खान-पान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

चिकित्सकों ने बच्चों को यह भी समझाया कि व्यक्तिगत स्वच्छता कितनी महत्वपूर्ण है। नियमित रूप से हाथ धोना, खासकर खाने से पहले और शौच के बाद, कई तरह की बीमारियों से बचाने में सहायक होता है। उन्होंने पौष्टिक भोजन के महत्व पर भी प्रकाश डाला, जिसमें ताजे फल, सब्जियां और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल हों। जंक फूड और अस्वास्थ्यकर पेय पदार्थों से परहेज करने की सलाह दी गई। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि बच्चों को पर्याप्त आराम मिले, क्योंकि इससे उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत दोनों बेहतर रहती है।

स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सकों और विभागीय सहयोगियों की भूमिका

इस स्वास्थ्य शिविर में डॉ. पीएन शर्मा, डॉ. आकांक्षा सोनी और डॉ. अमित गंगेले ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने बच्चों की शारीरिक जांच की, संभावित स्वास्थ्य समस्याओं का पता लगाया और उचित उपचार व सलाह दी। इस दौरान एफएचडब्ल्यू संगीता, कंपोजिट विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य रामप्रकाश अहिरवार और आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुष्पा भी उपस्थित रहीं। इन सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि शिविर सुचारू रूप से संचालित हो और अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ मिल सके।

शिविर के माध्यम से न केवल बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया गया, बल्कि उन्हें और उनके अभिभावकों को बेहतर स्वास्थ्य आदतों के प्रति भी प्रोत्साहित किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित यह पहल स्थानीय स्तर पर बच्चों की सेहत सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है, जिससे ग्रामीण अंचल के बच्चों को समय पर स्वास्थ्य लाभ और उचित परामर्श प्राप्त हुआ। ऐसी स्वास्थ्य जांचें बच्चों के स्वस्थ विकास को सुनिश्चित करने और किसी भी गंभीर बीमारी को प्रारंभिक चरण में ही पहचानने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य देश भर के बच्चों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता और गुणवत्ता में सुधार करना है।

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